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किसानों को अभी नहीं मिलेगा फायदा, करना होगा इंतजार

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किसानों को उपज की लागत में 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने के वायदे के साथ सत्ता में आई मोदी सरकार इस फार्मूले को तुरंत लागू करने से हिचक रही है। इसलिए किसानों को भाजपा के घोषणा-पत्र के हिसाब से फसलों का एमएसपी पाने केलिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
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आगामी खरीफ सीजन के लिए कृषि मंत्रालय यूपीए सरकार के प्रस्ताव के आधार पर ही समर्थन मूल्य तय करने की तैयारी कर रहा है। कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि लागत पर 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर समर्थन मूल्य देने में अभी समय लगेगा। आगामी खरीफ सीजन के लिए मंत्रालय पहले से तैयार प्रस्ताव के आधार पर ही विचार कर रहा है।

यूपीए सरकार की गलतियों को करना है दूर

कृषि मंत्री का कहना है कि यूपीए के दस साल के शासनकाल में जो विसंगतियां पैदा हुई हैं, उन्हें दुरुस्त करने में थोड़ा समय लगेगा। लेकिन सरकार की पूरी मंशा है कि आगे चलकर किसानों को उनकी लागत पर 50 फीसदी मुनाफा सुनिश्चित किया जाए।

आमतौर पर सरकार मई के पहले सप्ताह में खरीफ की फसलों केसमर्थन मूल्य का ऐलान कर देती है। इस साल चुनाव की वजह से अभी तक फैसला अटका हुआ है।

हालांकि, कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) खरीफ फसलों के एमएसपी पर अपनी सिफारिशें मंत्रालय को भेज चुका है।

धान का एमएसपी बढ़ाने का सुझाव

जिसमें धान का समर्थन मूल्य 100 रुपये बढ़ाने की सुझाव दिया गया है, जबकि बाजरा और मक्का का एमएसपी पिछले साल के बराबर रखने की सिफारिश की गई है।

मोदी सरकार को एक तरफ महंगाई को काबू में रखना है, जबकि दूसरी तरह खाद्य सुरक्षा कानून को देश भर में लागू करने की चुनौती है। ऐसे में किसानों को लागात पर 50% मुनाफा मिलना फिलहाल दूर की कौड़ी साबित हो सकता है।

कृषि मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भाजपा के घोषणा-पत्र के हिसाब से एमएसपी तय करने में सीएसीपी को भी नए सिरे से कवायद करनी पड़ेगी।

योजना से पहुंचेगा हर खेत में पानी

नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्री कार्यभार संभालते ही काम में जुट गए हैं। बुधवार को कार्यभार संभालने के बाद कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने एक साथ कई बड़ी घोषणाएं कर लंबे समय से ठंडे पड़े कृषि मंत्रालय में हलचल मचा दी है।

उन्होंने ऐलान किया कि जिस तरह अटल सरकार में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू हुई थी, उसी तर्ज पर अब प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना शुरू की जाएगी। फिलहाल सिर्फ 44 फीसदी कृषि भूमि तक सिंचाई की सुविधा पहुंची है।

किसानों की आमदनी सुनिश्चित करने के लिए कृषि आय बीमा योजना को नए सिरे से अमल में लाना, देसी गाय की नस्ल सुधार व संवर्धन और केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ाना उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।
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किसानों की भलाई के लिए करेंगे काम

कृषि मंत्री ने मंत्रालय के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर इन योजनाओं का रोड मैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अमर उजाला से मुलाकात में राधा मोहन सिंह ने कहा कि हमारी सरकार का इतिहास रहा है कि हमने किसानों की भलाई के लिए फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और ग्राम सड़क योजना जैसे कई बड़े कदम उठाए हैं।

इस बार किसानों की आमदनी सुनिश्चित करने के लिए किसान आय बीमा योजना शुरू कराई जाएगी। देसी गाय की नस्ल सुधार और संवर्धन के लिए उन्होंने मंत्रालय को एक नई योजना का खाका तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कृषि नीति में किसान संगठनों की भूमिका बढ़ाने के लिए भी मंत्रालय प्रयास करेगा।
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