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यहां पैसा लगाने पर मिलेगा महंगाई से छुटकारा!

Fri, 10 Jan 2014 03:16 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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महंगाई से जूझ रही जनता को राहत देने के लिए सरकार ने एक अनोखी स्कीम निकाली है। इस स्कीम में पैसा लगाने पर लोगों को महंगाई से छुटकारा मिल सकेगा।
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‘इनफ्लेशन इंडेक्स बांड’ होगा आकर्षक
सरकार द्वारा बड़े दावों के साथ लांच किए गए ‘इनफ्लेशन इंडेक्स बांड’ की हवा 20 दिनों में ही खत्म होती नजर आ रही है। निवेशकों की बेरुखी की बात अब भारतीय रिजर्व बैंक भी मान रहा है। इसे देखते हुए रिजर्व बैंक ने अब बांड में बदलाव कर उसे पहले से ज्यादा आकर्षक बनाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके पहले रिजर्व बैंक ज्यादा निवेशकों को आकर्षित करने की एक पहल इनफ्लेशन बांड मिलने की अवधि 31 दिसंबर से बढ़ाकर मार्च 2014 तक करके कर चुका है।

बृहस्पतिवार को नेशनल हाउसिंग बैंक के एक कार्यक्रम में इनफ्लेशन बांड में बदलाव करने के संकेत भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एचआर खान ने दिए हैं। खान के अनुसार हमें बांड को लेकर सूचनाएं मिली हैं। इसे देखते हुए हम सरकार के साथ इस संबंध में चर्चा कर रहे है। ऐसे में बांड को लेकर कुछ स्पष्टीकरण जारी हो सकता है। हालांकि खान ने यह भी कहा कि इस संबंध में तुरंत कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक भी हुई है।
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सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इनफ्लेशन बांड को लेकर जो प्रतिक्रिया मिली है, उससे यह बात सामने आ रही है, कि बांड में निवेशकों को ब्याज दिया जा रहा है, उस पर टैक्स का प्रावधान है। इस वजह से निवेशक इसमें कम ही रुचि दिखा रहे हैं। इसके अलावा निवेश अवधि 10 साल होना भी छोटे निवेशकों को भा नहीं रहा है।
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इनफ्लेशन इंडेक्स बांड को रिजर्व बैंक ने 23 दिसंबर 2013 को लांच किया था। यह सरकारी और प्रमुख निजी बैंकों के जरिए बाजार में उपलब्ध है। इसके तहत एक साल में पांच हजार रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक का निवेश करने और उस पर हर छह महीने के आधार पर ब्याज देने का प्रावधान है। बांड पर ब्याज की गणना दो हिस्सों में की जाएगी। इसके तहत 1.5 फीसदी ब्याज फिक्स्ड रखा गया है। इस पर हर छह महीने के आधार पर रही महंगाई दर (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) को जोड़ा जाएगा। बांड की अवधि पूरी होने के बाद निवेशक मूलधन और उसे मिले ब्याज के साथ अपनी पूंजी निकाल सकते हैं। हालांकि बांड के जरिए मिली ब्याज की राशि पर निवेशक को आयकर देना होगा।
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