अमेरिका की केमिकल कंपनी डुपों टेक्नोलॉजी ने भारत में अपने ब्रांड के तहत बेचे जा रहे अवैध और नकली पेस्टीसाइड्स से निपटने के लिए तकनीकी समाधान पेश किया है।
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कंपनी ने सही उत्पाद और नकली उत्पाद में से सही उत्पाद की पहचान के बारे में किसानों को जानकारी देने के लिए दो तकनीकों डुपॉट आईजोन और डुपोंट ट्रेसोलॉजी को अपनाया है।
डुपों आईजोन किसान द्वारा एसएमएस भेजने पर उत्पाद की प्रामाणिकता सिद्ध करने में मदद करेगी।
वहीं क्लाउड आधारित वेरीफिकेशन सिस्टम डुपो ट्रेसोलॉजी उत्पाद से जुड़ी अहम जानकारियां जैसे बैच, लॉट और पार्ट नंबर मुहैया करा कर उत्पाद को ट्रैक करने में मदद करती है।
डुपों क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस के बिजनेस डायरेक्टर (दक्षिण एशिया) राम मुधोलकर ने कहा कि फर्जी और नकली उत्पादों की मौजूदगी का खतरा पहले से अधिक है।
फसलों की सुरक्षा के बजाए ये हमारी कृषि के विकास के लिए खतरनाक हैं। डुपों इस बुराई के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारत में बेचे जा रहे पेस्टीसाइड में से नकली पेस्टीसाइड की मात्रा 40 फीसदी से अधिक है।
ये उत्पाद पर्यावरण के लिए खतरनाक हैं और इससे फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है।