देश के 20 जिलों में रसोई गैस सब्सिडी को सीधे ग्राहकों के खाते में पहुंचाने की योजना अब 15 मई की जगह 1 जून से शुरू होगी।
प्रस्तावित जिलों में बैंकिंग सेवाओं की कम उपलब्धता और ग्राहकों के पास आधार नंबर कम संख्या में उपलब्ध होने के कारण सरकार को योजना शुरू करने की तिथि में बदलाव करना पड़ा है।
पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने नई तिथि की घोषणा करते हुए कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिए ग्राहकों के खाते में सब्सिडी की रकम पहुंचने के साथ ही रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने में भी मदद मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि योजना शुरू होने के बाद सब्सिडी प्राप्त रसोई गैस की बुकिंग के साथ ही उपभोक्ता के बैंक खाते में सब्सिडी की रकम आ जाएगी।
हालांकि योजना के शुरूआत में 1 जून को ही इन 20 जिलों के उपभोक्ताओं के खाते में पहली दफा अग्रिम सब्सिडी की रकम (करीब 435 रुपये) डाल दी जाएगी।
इसके बाद दूसरे सिलेंडर की बुकिंग होने के साथ सब्सिडी की रकम ग्राहकों के खाते में जमा की जाएगी। मोइली ने कहा कि 20 जिलों में नया कनेक्शन आधार कार्ड बनने के बाद ही मिल सकेगा।
बिना इसके सब्सिडी की रकम ग्राहकों के खाते में नहीं मिलेगी और सिलेंडर उन्हें बाजार भाव पर खरीदना पड़ेगा अगले डेढ़ से दो महीनों में देश के अन्य हिस्सों के लिए भी योजना तैयार कर ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 20 जिलों में 3000 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे ग्राहकों के खाते में पहुंच सकेगी।
मोइली ने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तेल कंपनियों ने अपनी वेबसाइट पर यह जानकारी देना शुरू कर दिया है कि किन उपभोक्ताओं को अब तक आधार नंबर से जोड़ा जा चुका है। आधार संबंधी सभी जरूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उपभोक्ताओं के पास अगस्त तक का समय है।
पहले चरण के लिए चुने गए 20 जिलों का राज्यवार ब्यौरा
राज्य---------------------------------------जिला
हिमाचल प्रदेश---------------------------बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, ऊना
पंजाब-----------------------------------एसबीएस नगर
आंध्र प्रदेश------------------------------अनंतपुर, चित्तूर, पूर्वी गोदावरी, हैदराबाद, रंगा रेड्डी
दमन और दीव--------------------------दीव
गोवा------------------------------------उत्तरी गोवा
कर्नाटक---------------------------------मैसूर, तुमकुर
केरल-----------------------------------वायानड, पथनमथिट्टा
महाराष्ट्र---------------------------------वर्धा
पांडिचेरी--------------------------------पांडिचेरी
मध्यप्रदेश------------------------------पूर्वी निमर (खंडवा), हरदा