सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे जुगाड़ वाहनों पर अब लगाम कसने की तैयारी हो चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के वाहनों को पब्लिक सेफ्टी के लिए बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि इनका रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस होना जरूरी है।
जस्टिस बीएस चौहान और एफएमआई कलिफुल्ला की बेंच ने कहा कि जुगाड़ कानून की नजर में एक वाहन है और इसे रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस वाले ड्राइवर के बिना सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं मिल सकती।
कोर्ट ने कहा, ‘जुगाड़ मोटर वाहन एक्ट की धारा 2(28) के अंतर्गत आता है, इसलिए प्रशासन उन्हें रोकने और कानून लागू करने की अपनी ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकता।
कानूनी प्राधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एक्ट की शर्तों को पूरी करने के बाद ही जुगाड़ सड़क पर दिखाई दे।
यह जनता के लिए खतरा बन गए हैं क्योंकि बड़ी संख्या में यह वाहन दुर्घटनाओं में शामिल होते हैं। जुगाड़ का बीमा भी नहीं होता है और इसके मालिक इस स्थिति में नहीं होते हैं कि वह मुआवजा दे सकें।