डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का असर दिखने लगा है। सरकार जल्द ही डीजल और रेल माल भाड़ा में बढ़ोतरी करने जा रही है।
सरकार बढ़ते सब्सिडी बिल पर काबू पाने के लिए डीजल के दाम में प्रति लीटर तीन रुपये का इजाफा कर सकती है। डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज गिरावट की वजह से सरकार का तेल आयात बिल बढ़ता जा रहा है।
इस वजह से डीजल पर दी जाने वाली सब्सिडी का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि सरकार को डीजल के दाम में इजाफे का कदम उठाना पड़ सकता है।
हालांकि तुरंत तो नहीं लेकिन आशंका है कि संसद का मानसून सत्र खत्म होते ही डीजल के दाम बढ़ाने की घोषणा हो सकती है।
पेट्रोलियम मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने कहा कि डीजल के दाम में तत्काल बढ़ोतरी की तो कोई योजना नहीं है। लेकिन रुपये की तेज गिरावट ने इस मोर्चे पर चिंता पैदा कर दी है।
रेलवे जल्द लेगा फैसला
रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि डीजल तथा बिजली की कीमतों में वृद्धि के चलते मंत्रालय माल भाड़े में जल्द ही बढ़ोतरी करने का फैसला ले सकता है।
इस संबंध में अगले महीने एफएसी (फ्यूल एडजस्टमेंट कंपोनेट) पर विचार के लिए बैठक बुलाई जाएगी।
अधीर रंजन ने कहा कि यात्री किराये में कोई फेरबदल नहीं होगा। लेकिन मालभाड़े की वृद्धि के संबंध में उन्होंने कहा कि इस बारे में अंतिम फैसला एफएसी की बैठक में ही लिया जाएगा। उम्मीद है कि नई दरें अक्टूबर से लागू हो जाएंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई नया फैसला नहीं है। बजट में ही मंत्रालय ने ईंधन की कीमतों के आधार पर हर छह महीने में माल भाड़े की दरों की समीक्षा के लिए एफएसी के गठन का प्रावधान किया था।