सूक्ष्म, लघु एवं मझोले (एमएसएमई) उद्योगों के विकास को गति देने के लिए उन्हें व्यापक पैकेज दिए जाने की जरूरत है। उद्योग संगठन सीआईआई ने एमएसएमई उद्योग के लिए सरकार को सौंपे अपने बजट पूर्व ज्ञापन में यह गुजारिश की है। सीआईआई ने एसएमई एक्सचेंज पर लिस्टिंग के लिए नियमों और नीतियों को सहज बनाने की पुरजोर वकालत की है।
इसके साथ ही सीआईआई ने कहा है कि एमएसएमई में एनआरआई के जरिए एफडीआई को प्रोत्साहित करने के अलावा सार्वजनिक खरीद नीति को भी लागू किया जाना चाहिए, जिससे कि छोटे, मझोले और बड़े उद्योगों की बीच परस्पर संबंधों को बढ़ावा दिया जा सके।
संगठन ने कहा कि एसएमई आपूर्तिकर्ताओं को समय पर भुगतान मिले, केंद्र व राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए। एमएसएमई को भुगतान में देरी की समस्या का समाधान करना जरूरी है। एमएसएमई के लिए बजट पूर्व अपने मांग पत्र में सीआईआई ने कहा है कि एमएसएमई के विभिन्न पहलुओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक अलग तरह का फंड बनाने की आवश्यकता है।
इनमें एमएसएमई के लिए ब्रांडिंग एवं एक्सपोर्ट मार्केटिंग फंड भी शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, एमएसएमई को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व ऊर्जा की जरूरतों पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए पर्यावरण अनुकूल टेक्नोलॉजी फंड बनाया जा सकता है। एमएसएमई उद्योग में एनआरआई के जरिए विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए नीतिगत दिशानिर्देश की जरूरत है। इनमें एनआरआई से 100 फीसदी एफडीआई के लिए स्वत: मंजूरी, प्रमोशनल उपाय, सिंगल विंडो क्लीयरेंस जैसे प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं।