भाजपा ने यूपीए सरकार से पूछा है कि आखिरकार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत लगातार क्यों घट रही है।
कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए भाजपा ने कहा कि 2004 में जब केंद्र में यूपीए सरकार आई थी तब रुपये की कीमत लगभग राहुल गांधी की उम्र यानी 43 के करीब थी जो अब सोनिया गांधी की उम्र यानी 63 के निकट पहुंच गई है।
भाजपा ने कहा कि अर्थव्यवस्था का यही हाल रहा तो आशंका है कि यह कीमत प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की उम्र यानी 80 के करीब पहुंच जाएगी।
डॉलर और रुपये को लेकर यह नए तरह का आकलन पेश करने से पहले पार्टी नेता रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि उम्मीद है कि कांग्रेस इसे व्यंग्य के तौर पर ही लेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तुलना को केवल मजाक के रूप में ले और पार्टी के पहले परिवार पर प्रहार समझ कर संवेदनशील न हो जाए।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत सबसे निम्नतम स्तर 60.15 पर पहुंच गई है। मई और जुलाई के बीच यह 53 रुपये थी। इस समय भारतीय अर्थव्यवस्था बदहाल है और पिछले दस वर्षों के सबसे निचले स्तर पर है।
जीडीपी दर भी घटकर पांच फीसदी पर आ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब यूपीए सरकार की कुनीतियों, भ्रष्टाचार व घोटालों के कारण हुआ है।
उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को एफडीआई के सहारे चलाने की कोशिश की, यह इसी का नतीजा है। क्योंकि एफडीआई जितनी तेजी से आता है अर्थव्यवस्था के कमजोर पड़ने पर उतनी ही तेजी से चला भी जाता है। इसके चलते रुपये में और गिरावट आ रही है।