बड़े निजी अस्पतालों में गरीब मरीजों को इलाज कराने का विकल्प प्रदान करने के लिए जल्द ही श्रम मंत्रालय अपोलो, मैक्स, फोर्टिस जैसे बड़े अस्पतालों और स्वास्थ्य मंत्रालय से बातचीत शुरू करने जा रहा है।
खासतौर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) से जुड़े लोगों की कुछ चुनिंदा बीमारियों के इलाज की व्यवस्था इन अस्पतालों में करने के लिए श्रम मंत्रालय प्रस्ताव करने की तैयारी में है।
श्रम मंत्रालय के एक आला अधिकारी ने बताया कि पैनल में मौजूद कई अस्पतालों में अभी भी बड़े अस्पतालों की तरह आधुनिक सुविधाएं मौजूद नहीं हैं।
कई बीमारियों के लिए मरीज को पैनल के कैशलेस स्मार्ट कार्ड की रकम खर्च करने के बावजूद पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। इसलिए ऐसे विकल्प खोलने की कोशिश की जा रही है, जिससे बड़े अस्पतालों में गरीबों का किफायती दर पर इलाज हो सके।
हालांकि बड़े निजी अस्पतालों का खर्च अधिक है। लेकिन श्रम मंत्रालय चाहता है कि इन अस्पतालों में आरएसबीआई कार्ड धारक की कुछ चुनिंदा बीमारियों का इलाज रियायती कीमत पर हो सके।
माना जा रहा है कि निजी अस्पतालों के साथ बैठक कर माह के अंत तक इस प्रस्ताव पर निर्णय ले लिया जाएगा।
मंत्रालय लंबे समय से इस विकल्प पर विचार कर रहा है। लेकिन, बड़े निजी अस्पतालों में इलाज के लिए 30 हजार रुपये आरएसबीवाई बीमा राशि की रकम काफी कम है। इस कारण नए विकल्प को अमली जामा पहनाने में दिक्कत आ रही है।
महत्वपूर्ण यह है कि सरकार इन अस्पतालों में इलाज के लिए बीमा राशि बढ़ाने को तैयार नहीं है। सूत्रों के मुताबिक बड़ी बीमारियों का इलाज कम खर्च पर करने के लिए अगर बड़े अस्पताल तैयार हो जाते हैं, तो 30 हजार से अधिक के इलाज का खर्च मरीज को खुद वहन करना होगा।