भारती एयरटेल ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी जिसमें दूरसंचार विभाग की ओर से लगाए गए जुर्माने पर लगी रोक हटाने को कहा गया।
दूरसंचार कंपनी ने उन क्षेत्रों में 3जी सेवाओं को जारी रखने की गुजारिश भी की है, जहां पर उसे स्पेक्ट्रम नहीं आवंटित है। विभाग की ओर से इसी के चलते एयरटेल पर 350 करोड़ रुपये का जुर्माना किया गया है।
चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष एयरटेल के अधिवक्ता ने जल्द सुनवाई और हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की।
पीठ ने कोई आदेश न देते हुए इस मसले पर सोमवार को सुनवाई करने का निर्णय किया। कोर्ट ने 350 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि पर तात्कालिक स्टे भी नहीं दिया।
एयरटेल ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश दो करोड़ उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगा। ऐसे में मामले पर जल्द सुनवाई की जरूरत है।
हालांकि कंपनी ने अपनी 3जी सेवाओं को रोका नहीं है। जबकि उन क्षेत्रों में उसे स्पेक्ट्रम हासिल नहीं है। लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन के आधार पर दूरसंचार विभाग ने एयरटेल पर जुर्माना किया था, जिस पर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने रोक लगा दी थी। हाल ही में डबल बेंच ने रोक हटाने का आदेश जारी किया था।