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6 बातें, खुशियां और रुपया दोनों बढ़ाएंगे

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पीपीएफ: इसे सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले निवेश विकल्पों में गिना जाता है। चालू वित्त वर्ष (2013-14) में इस पर मिलने वाले कर मुक्त ब्याज की दर 8.7 फीसदी है। इसमें निवेश पर आयकर में छूट भी मिलती है। नए साल में यहां पर रुपए का निवेश करके अपनी मेहनत की कमाई को दो तरह से आप बचा सकते हैं।
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उम्मीद से ज्यादा मिलेगा ब्याज

ईएलएसएस फंड: पिछले पांच वर्षों में ईएलएसएस ने औसतन 17.5 फीसदी का रिटर्न दिया है। फंडों के चुनाव के लिए व्यापक विकल्प, लचीलापन और आयकर छूट इसकी अन्य खूबियां हैं।

पीएफ का जुड़वा भाई

वालेंटियरी पीएफ: यह केवल वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध विकल्प है। इसके तहत नियोक्ता की ओर से कर्मचारी की बेसिक सेलेरी के बराबर की जाने वाली ईपीएफ कटौती के अलावा वह अपनी ओर से भी अतिरिक्त कटौती करा सकता है, जिसपर उसे ईपीएफ के बराबर ही ब्याज मिलता है। चालू वित्त वर्ष (2013-14) यह 8.5 फीसदी है।

रिटायरमेंट की टेंशन से छुट्टी

एससीएसएस: बुजुर्ग व सेवानिवृत्त लोगों के लिए यह अच्छा विकल्प है। वित्त वर्ष 2013-14 में इस पर 9.2 फीसदी का ब्याज देय है। इसमें निवेश की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये है और ब्याज पर आयकर कटौती होती है।

पेंशन जो बनाएगी कल को बेहतर

एनपीएस: नेशनल पेंशन सिस्टम भी रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए अच्छा विकल्प है। इसमें फिक्स और बाजार से जुड़े निवेश दोनों के ही विकल्प हैं, जिनमें 4.2 से लेकर 10.2 फीसदी (पिछले तीन सालों में) तक का रिटर्न मिल सकता है। टैक्स बचत भी होती है।

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यहां पैसा रहता है सेफ

एनएससी व बैंक एफडी: निवेश के सुरक्षित विकल्प के रूप में यह काफी लोकप्रिय हैं। इसमें 8.5 से 9.75 फीसदी तक का ब्याज मिलता है। हालांकि ब्याज पर आयकर कटौती इसके आकर्षण को कुछ कम करती है।
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