पहले कहावत थी कि गलती बाप करे तो आगे जाकर उसके बेटे सजा भुगतते हैं। लेकिन यहां तो बेटे की करनी पर पिता को भुगतना पड़ रहा है। सरधना में विवाहित बेटे के प्यार करने की सजा के तहत पंचायत ने पिता का हुक्का-पानी बंद कर दिया है। ये सजा तब तक जारी रहेगी जब तक बाप बेटे को पंचायत में पेश नहीं करता। अगली पंचायत 14 मार्च को मेरठ में बुलाई गई है।
सरधना के जुल्हैड़ा रोड नई बस्ती मोहल्ला पीरवाली मस्जिद के निकट निवासी धोबी बिरादरी के युवक का निकाह खिर्वा की युवती से हुआ था। युवक लगभग तीन माह पूर्व एक दूसरी बिरादरी की लड़की को लेकर चला गया। उसकी पत्नी के मायके वालों ने इस मामले को लेकर शुक्रवार को बिरादरी की पंचायत बुलाई।
पंचायत में फरार प्रेमी युगल के मामले को लेकर घंटों मंथन हुआ, लेकिन आरोपी युवक का पिता पंचों को अपने पुत्र के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर पंचों ने 14 मार्च को मेरठ पंचायत बुलाने और उसमें लड़के को उपस्थित करने का फरमान सुनाया।
साथ ही तब तक के लिए पिता का बिरादरी से हुक्का-पानी कर दिया। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने ऐसी किसी भी पंचायत की जानकारी से इनकार किया है।