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दो साल 'बाहर' बिताओ और प्यारा पपी घर ले आओ

Tue, 09 Apr 2013 11:17 AM IST
संजय त्रिपाठी/कानपुर।
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अगर आप भी घर में विदेशी किस्म का पपी पालना चाहते हैं तो कुछ नियमों का पालन करना होगा। जी हां, विदेश से पालतू जानवरों को देश में लाने का धंधा करने वालों पर कस्टम्स ने सख्ती की है। इसके तहत अब विदेश से वे ही लोग पालतू जानवर ला सकेंगे, जिन्होंने संबंधित देश में कम से कम दो वर्ष का समय बिताया है। यानी अब घूमने-फिरने या तस्करी के मकसद से विदेशी जानवर भारत में नहीं लाए जा सकेंगे। यह आदेश 15 अप्रैल से अमल में लाया जाएगा।
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वर्ष 2002 में कस्टम्स (सीमा शुल्क विभाग) ने पालतू जानवरों को विदेश से भारत में लाने से संबंधित एक अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत एक यात्री दो जानवरों को यहां अपने साथ ला सकता था। यात्री को इन जानवरों का हेल्थ सर्टिफिकेट भी यहां कस्टम्स अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करना होता था, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि लाए गए जानवर को किसी प्रकार की बीमारी नहीं है।

कस्टम्स के एक अधिकारी के मुताबिक यह व्यवस्था लोगों की सुविधा को देखते हुए लाई गई थी, मगर इसके भारी दुरुपयोग की शिकायतें सामने आने लगीं। कई देशों से बिल्ली, कुत्ते, घोड़े, चिड़ियां आदि लाने का धंधा शुरू हो गया। विदेश के मुकाबले यहां इनके दोगुने-तिगुने से भी ज्यादा दाम मिल जाते हैं।
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एजेंटों ने तमाम देशों से भारत आने वाले यात्रियों के साथ जानवर बुक कराकर बाकायदा धंधा शुरू कर दिया। इसे देखते हुए सोमवार को कस्टम्स के अंडर सेक्रेट्री एस सी गैंगर ने अधिसूचना जारी करते हुए सिर्फ ऐसे लोगों को ही दो पालतू जानवर लाने की अनुमति दी है, जिनकी रिहाइश भारत में ट्रांसफर हो रही है। इसके पीछे तबादला या अन्य वजहें हो सकती हैं मगर यह आवश्यक है कि उसने संबंधित देश में कम से कम दो वर्ष बिताए हों।
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