जिस उम्र में उन्हें लड़का और लड़की होने के मायने भी सही से पता नहीं होते, उस उम्र में उन्हें सेक्स करना सिखाया जाता है।
इन सब की शुरुआत एक खूबसूरत झूठ से होती है। जिसमें मां-बाप भी पूरी तरह से जुड़े होते हैं।
क्या कहते हैं मां-बाप?
शुरुआत मां-बाप ही करते हैं। वो अपनी बेटियों को कहते हैं कि उन्हें एक कैंप में जाना है। जहां उन्हें कई नए दोस्त मिलेंगे और उनके साथ खेलने का मौका भी।
पर जब ये बच्चियां इन कैंपों में पहुंचती है, सबकुछ अलग होता है। खेल तो होता है लेकिन हवस का। कैंपों में रहने वाले इन बच्चियों को सेक्स करना सिखाते हैं।
कैपों में क्या कहा जाता है?
जब ये बच्चियां इन कैंपों में पहुंचती हैं, उनकी दुनिया बदल चुकी होती है। मां-बाप के धोखे का शिकार हुई ये लड़कियां अब गैरों की चंगुल में होती हैं।
ये क्या! खोपड़ी के बाहर निकला हुआ था इस बच्ची का दिमाग
जहां उनसे कहा जाता है कि जितनी जल्दी हो सके, उन्हें शारीरिक संबंध बनाने शुरू कर देना चाहिए। ताकि उनके बचपन की धूल झड़कर गिर जाए, वरना उन्हें कोई भयानक बीमारी हो जाएगी।
नया नहीं है कुछ भी
मालावी के इन कैंपों में लड़कियों को सेक्स करने की ट्रेनिंग दी जाती है। हालांकि ये डरावनी परंपरा कोई नई नहीं है। ये सब काफी समय पहले से होता आ रहा है।
हैरतअंगेज! इस मादा को जिसने देखा, देखता ही रह गया
मां-बाप अपनी लड़कियों का ऐसे कैंपों में भेज देते थे ताकि जब वो लौटकर आएं तो उन्हें किशोरी के रूप में देखा जाए।
ये है ग्रेस की कहानी
ये कहानी ग्रेस की है। जिसकी उम्र महज दस साल है। वो भी इस कैंप से होकर आई है। एक हफ्ते में 10 साल की इस बच्ची ने वो सबकुछ झेला, जिसकी हम और आप कल्पना भी नहीं कर सकते।
'मेरे घर में घूमते हैं भूत' पढ़ें इस औरत के खौफ की सच्ची कहानी
ग्रेस बताती है कि वहां सिखाते थे कि बड़ों का सम्मान करना चाहिए, पति को हर तरह से खुश रखना चाहिए और साथ में ये भी सेक्स कैसे करते हैं।
ग्रेस ने पत्रकारों की एक टीम से बातचीत में कहा कि वहां एक लीडर हुआ करती है। जो हमें सेक्स करने के अलग-अलग तरीके सिखाती है। लेकिन वो प्रेगनेंसी, सेक्स-संक्रमण आदि के बारे में कुछ भी नहीं कहती।
कहानी पढ़ने के बाद, आपको हो जाएगा इस औरत से प्यार
यहां तक की उन्हें कंडोम इस्तेमाल करने से भी मना कर दिया जाता है। मालावी समेत दक्षिणी अफ्रीका में कई जगहों पर ऐसे कैंप चलते हैं।
डेली मेल के अनुसार, इस इलाके में एड्स के मामले भी काफी अधिक हैं।