इंसाफ की आस में लोग क्या क्या नहीं करते। कोई अर्जी डालता है तो कोई धरना तक कर देता है। लेकिन इंसाफ पाने के लिए एक आदमी इतना बहक गया कि अपनी मांग को लेकर चार सौ मीटर ऊंचे रेलवे टॉवर पर चढ़ गया। सिरफिरा बबलू ट्रैक्टर लोन में घपला होने की शिकायत को लेकर 33 घंटे टावर पर टंगा रहा और इस दौरान पुलिस और प्रशासन दोनों की जान सांसत में फंसी रही। 33 घंटे बाद मान-मनौव्वल के बाद सिरफिरे ने अपनी जिद छोड़ी और टॉवर से उतर आया।
सूत्रों ने बताया कि ट्रैक्टर की मांग को लेकर लखनौती कला का बबलू रेलवे टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उससे बात की। मगर, एक ही बात पर अड़ा रहा कि उसे ट्रैक्टर दिया जाए तभी वह नीचे उतरेगा। पूरी रात उसने टावर पर ही गुजारी। इस दौरान वहां पुलिसकर्मी गश्त के लिए तैनात रहे। अगले दिन सुबह फिर उसकी मान-मनौव्वल शुरू हुई। दोपहर बाद अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को वहां बुला लिया। लगातार फोन पर आश्वासन के बाद शाम 7.38 बजे बबलू नीचे उतरा। एसपी सिटी दिलीप कुमार ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच एडीएम से कराई जाएगी।
क्या है बबलू का दुख
बबलू का कहना है कि उसने एक ट्रैक्टर लिया था। बाद में उसने ट्रैक्टर वापस कर दिया मगर, उसे पैसा वापस नहीं मिला। इससे पहले भी वह 12 अक्तूबर 2012 को इसी मांग के साथ रेलवे टावर पर चढ़ गया था।
पूरी प्लानिंग से टावर पर चढ़ा
बबलू पूरी प्लानिंग के साथ टावर पर चढ़ा। ठंड से बचने के लिए वह कंबल ले गया है और नीचे से सामान मंगाने के लिए लंबी रस्सी भी है। यही नहीं उसने पर्ची नीचे फेंक पीने का पानी मांगा। जिस पर उसे दूध और पानी की बोतल उसकी रस्सी में बांध कर पहुंचाई गई। सिम निकाल कर मोबाइल भेजा, जिसे चार्ज करके वापस दिया गया। मोबाइल फोन से ही अधिकारी उसे संपर्क बनाए हुए थे।