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ऐसे बर्तन में पिया गर्मागर्म सूप तो होगी परेशानी

Fri, 25 Jan 2013 11:31 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
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क्या आपको भी गर्मागर्म नूडल और सूप प्लास्टिक के बाउल में खाना पसंद हैं। क्यों न हो, आजकल घर और बाहर प्लास्टिक यानी मेलामाइन के बर्तन काफी लोकप्रिय हैं। छटपट साफ होने वाले ये बर्तन घर और पिकनिक के लिए भी सुटेबल होते हैं। लेकिन अगर रोज ही आप गर्मागर्म खाना प्लास्टिक के बर्तनों में खा रहे हैं तो संभल जाइए। मेलामाइन क्राकरी में गर्म खाना खाने से आपकी सेहत के लिए खतरे की घंटी बज रही है।
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डेली मेल के अनुसार रिसर्चरों ने चेताया है कि मेलामाइन के बर्तनों में गर्म खाना खाने से किडनी में पथरी तक हो सकती है। इनका कहना है कि ज्यादा तापमान के संपर्क में आने से प्लास्टिक के बर्तन में मौजूद मेलामाइन बढ़ जाता है। ये मेलामाइन खाने में घुल कर आपके पेट में पहुंचेगा और आपकी किडनी में पथरी का रिस्क बढ़ जाएगा।

ताइवान में काओशिउंग यूनिवर्सिटी के अध्ययनकर्ताओं ने अपनी रिसर्च के लिए गर्मागर्म नूडल खाने वाले समूहों पर टेस्ट किया। एक समूह को गर्मागर्म नूडल खाने के लिए प्लास्टिक यानी मेलामाइन की प्लेट्स दी गई जबकि दूसरे समूह को भोजन के लिए कैरेमिक के प्लेट्स दिए गए।
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भोजन से पहले दोनों समूहों के यूरिन सैंपल लिए गए और भोजन के बाद भी हर दो घंटे पर सैंपल लिए गए। तीन हफ्ते बाद फिर इन समूहों को ये नूडल खाने के लिए दिए गए लेकिन इस बार बर्तन एक्सचेंज कर दिए गए। इसके बाद फिर यूरिन के सैंपल लिए गए।

शोध में पाया गया कि जिन लोगों ने मेलामाइन के बाउल में नूडल खाए उनके यूरिन में मेलामाइन का लेवल 8.35 माइक्रोग्राम था। जबकि कैरेमिक बाउल में खाने वाले समूह के लोगों के यूरिन में  ये लेवल महज 1.3 माइक्रोग्राम था।

रिसर्च करने वाले समूह के अध्यक्ष चिया फैंग वू ने कहा कि गर्मागर्म खाना डालने पर मेलामाइन के बर्तनों से मेलामाइन डिस्चार्ज होने लगता है जो खाने के जरिए शरीर में पहुंच जाता है। इससे किडनी में पथरी का रिस्क बढ़ जाता है। यही नहीं अगर मेलामाइन की मात्रा ज्यादा हो जाए तो किडनी डैमेज भी हो सकती है।
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