आदतें भी कैसी-कैसी होती हैं। आपने मीठा पसंद करने वालों के बारे में सुना होगा, चटपटी चाट के दीवानों को भी जानते होंगे लेकिन इन श्रीमान को भांति-भांति के कीड़े खाने का चस्का है।
चस्का भी कुछ ऐसा कि पिछले 11 सालों में डेविड ग्रेसर पांच हजार प्रजातियों के कीड़े गटका चुके हैं।
एक बच्चे के पिता ग्रेसर के लिए प्यूपा का मतलब स्वाद है। जिस तरह हम अपने फ्रीज में शाक-सब्जी का स्टॉक रखते हैं उसी तरह ग्रेसर के फ्रीज में प्यूपा का एक बड़ा स्टॉक मौजूद होता है।
सिर्फ प्यूपा ही नहीं कॉकरोच और बिच्छू भी इनके प्रिय व्यंजनों में से एक हैं। आमतौर पर जिस बिच्छू से हम डरते हैं ग्रेसर को उसका स्वाद अनूठे प्लास्टिक जैसा लगता है।
रॉड आइलैंड के 47 साल के ग्रेसर पेशे से अंग्रेजी टीचर हैं। अपने इस अलग व्यवहार पर ग्रेसर काफी गर्व भी महसूस करते हैं।
उनका मानना है कि मांस खाने से तो बेहतर है कि कोई ग्रासहोपर ही खाए। एक तो ये प्रोटीन से लबरेज होते हैं दूसरे इन्हें खाने से मोटे होने का खतरा नहीं रहता।