हाईकोर्ट ने मेला प्रशासन को निर्देश दिया है कि स्नान घाटों पर फोटो खींचने संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। इस आदेश के साथ याचिका निस्तारित कर दी गई है।
प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि नियमों के तहत स्नान घाटों से सौ मीटर की परिधि में फोटोग्राफ खींचने की मनाही है। इस संबंध में किसी को भी फोटोग्राफी की इजाजत प्रशासन ने नहीं दी है। कोर्ट ने इस नियम का कड़ाई से पालन करने का आदेश देते हुए याचिका निस्तारित कर दी।
याची हेमंत कुमार ने माघ मेला नियमावली 1940 के तहत यूनाइटेड प्रोविएंस मेला एक्ट 1939 के प्रावधानों का हवाला देते हुए फोटोग्राफी को अवैधानिक बताया था। याचिका पर न्यायमूर्ति सुनील अंबवानी और न्यायमूर्ति भारत भूषण की खंडपीठ सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता असीम राय का कहना था कि साधु संतों की तस्वीरें खींच कर उसे प्रकाशित करने तथा चैनलों पर प्रसारित करने से उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। कानून के अनुसार मेला क्षेत्र में तस्वीरें लेना वर्जित हैं। कोर्ट से मांग की गई थी कि नागा साधुओं की तस्वीरें प्रकाशित करने पर रोक लगाई जाए।