बरसाने के बाजार पर रंगीली का रंग चढ़ गया है। सीडी की दुकान पर होरी की गूंज है। वहीं पचरंगी पाग की दुकानें भी सज गई हैं। गुलाल की दुकानों पर रश लगने लगा है। लड्डू और रंगीली के ये दो दिन बाजार को लाखों का मुनाफा देंगे।
श्री जी मंदिर की सीढिय़ों के नीचे सीडी की कई दुकानें हैं। आजकल सब पर होरी के रसिया गूंज रहे हैं। इस बार होली पर एक ही नई सीडी 'नथुली खो गई ब्रज की होली में' बाजार में आई है। इसके गायक रामधन गुर्जर है।
इसके अलावा साध्वी पूर्णिमा, गौरव कृष्ण गोस्वामी आदि के होली गीतों की सीडी की डिमांड है। दुकानदार सुनील ने बताया कि एक हफ्ते पहले से खरीददारी शुरू हो जाती है। होरी के रसिया की धूम मची हुई है।
हर कोई बना नंद लाल
रंगीली आते ही बरसाने के बच्चे, बूढ़े सब नंद लाल बन जाते हैं। अधिकांश के सिर पर पचरंगी पाग नजर आ रही है। 21 मार्च को नंदगांव के हुरियारे सिर पर पाग और बगलबंदी पहनकर राधा की सखियों से होली खेलने आएंगे। जयपुर से आने वाली पचरंगी पाग की कीमत 40-50 रुपये है। इसकी खूब खरीददारी हो रही है।
गुलाल से लाल होगा बरसाना
रंगीली रंग की नहीं गुलाल की है। श्री जी के मंदिर से लेकर बरसाने की गलियों में गुलाल की लाली बिखरी होगी। बाजार के आंकड़ों की मानें तो दो दिन में करीब 60 क्विंटल गुलाल उड़ेगा। गुलाल के थोक के व्यापारी गिरधारी ने बताया कि हमने 5 क्विंटल गुलाल मंगाया और अधिकांश बिक चुका है।
उन्होंने बताया कि अब लोग बढिय़ा गुलाल ही मांगते हैं। यह अलवर, हाथरस से आता है। इसकी कीमत 36 रुपये किलो है। बरसाने में तो लाल गुलाल ही चलता है। पिछली साल की तुलना में इस बार गुलाल के रेट 10 प्रतिशत बढ़ गए हैं पर हर साल बिक्री बढ़ ही रही है।