महाकुंभ की कुशलता का आशीष देने तिरुमाला तिरुपति से स्वयं कुंभनगरी पहुंचे विष्णुस्वरूप तिरुपति बाला जी ने संगम की रेती पर शुक्रवार को लक्ष्मी स्वरूपा श्रीदेवी, भूदेवी से विवाह रचाया। आरती और माल्यार्पण से स्वागत के बाद विवाह समारोह की शुरुआत हुई जिसका समापन याज्ञिक अनुष्ठान से किया गया। शिविर में तिरुपति बाला जी के जयकारे गूंजते रहे।
सर्वमंगल के उद्देश्य से तिरुपति बाला जी के मुख्य पुजारी सुदंरवरद बटर के आचार्यत्व में ‘कल्याणं उत्सव’ के तहत कलश पूजा, अग्नि प्रतिष्ठा, कंकर्ण धारण, मांगल्य धारण के बाद पारंपरिक भजन वंदन किया गया। तिरुपति के ही ग्यारह बटुकों के मंत्रोच्चार के बीच बैखानम आगमशास्त्र के अनुसार पूजा के बाद सभी पर पवित्र जल छिड़ककर आशीष दिया गया।
इससे पहले सेक्टर छह स्थित मंदिर से जयघोष के साथ उनका विग्रह लाकर शिविर के मंच पर रखा गया।
गंगा सेना के शिविर में अनुष्ठान की शुरुआत में बड़े हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक महंत आनंद गिरि की ओर से तिरुपति बालाजी और देवियों श्रीदेवी, भूदेवी का माल्यार्पण करके स्वागत किया गया। अनुष्ठान के बाद उन्होंने मेले की कुशलता और सर्वमंगल का आशीष मांगा। कार्यक्रम में स्वामी गोपालशरण देवाचार्य सहित मंदिर के विशेष कार्याधिकारी शेषाद्रि स्वामी, उप कार्यकारी अधिकारी उमापति रेड्डी आदि मौजूद थे।