बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
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जीएसटी के बहाने एक दूसरे पर तंज कसने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा नेता सुशील मोदी मंगलवार को एक दूसरे की तारीफ में कसीदे पढ़ते नजर आए। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की न केवल जमकर तारीफ की, बल्कि पुरानी यादें भी उल्लेखित की। नीतीश कुमार के राजग से अलग होने के बाद यह पहला मौका था जब दोनों नेता एक दूसरे के प्रति ऐसा उद्गार व्यक्त कर रहे थे।
दूरियां पाटने की पहल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में ही विधेयक पर चर्चा के दौरान की। नीतीश कुमार ने सुशील मोदी की चर्चा करते हुए कहा कि जब जीएसटी के लिए बनी समिति का अध्यक्ष बनाने की बात चल रही थी, तो मैंने सुशील मोदी का नाम सुझाया था और उन्हें इस बात के लिए राजी किया था कि वे जीएसटी के अध्यक्ष बनने के लिए मंजूरी दे दें।
विधान परिषद में जब सुशील मोदी को विधेयक पर बोलने का मौका मिला तो उन्होंने भी कहा कि जब नीतीश कुमार और हम लोग साथ-साथ थे, तो एक-दूसरे का बहुत ख्याल रखते थे और चिंता भी करते थे, पर अब पता नहीं नीतीश कुमार हमारी चिंता करते हैं कि नहीं। इसके बाद लगे हाथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कह डाला कि हम हर रोज आपकी चिंता करते हैं।
इस पर मोदी ने नीतीश कुमार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मुझे वित्त मंत्रियों की समिति के अध्यक्ष पद की कुर्सी संभालने में नीतीश कुमार ने ही सहयोग किया था। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की मदद की वजह से ही हम अध्यक्ष बन पाए थे।