हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन हरियाणा धर्मांतरण रोकथाम विधेयक पेश किया गया। जिसका विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शुक्रवार को स्वागत किया। विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा यह स्वागत योग्य कदम है।
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन हरियाणा धर्मांतरण रोकथाम विधेयक पेश किया गया। जिसका विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शुक्रवार को स्वागत किया। विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने इस मौके पर कहा कि विधेयक यदि पारित हो जाता है तो राज्य में अवैध धर्मांतरण, लव जिहाद और इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से देश विरोधी साजिश रचने वालों पर अंकुश लगेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह हरियाणा में आपसी सद्भाव और शांति' का माहौल भी बनाएगा। जिससे राज्य तेज गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा। गौरतलब है कि ये विधेयक राज्य में राज्य में गैरकानूनी गतिविधियों द्वारा धर्मांतरण को रोकने का प्रयास करता है।
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जैन ने कहा कि हरियाणा में अवैध धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगाने वाला विधेयक स्वागत योग्य कदम है। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इस विधेयक को पेश करके अपना दृढ़ संकल्प दिखाया है।
इससे पहले दिन में गृह मंत्री अनिल विज ने विधानसभा में हरियाणा धर्मांतरण रोकथाम विधेयक, 2022 पेश किया। हरियाणा विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन हरियाणा धर्मांतरण रोकथाम विधेयक को लेकर सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक रघुवीर कादयान ने विधेयक की प्रति फाड़ दी जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कादियान को पूरे सत्र के लिए निष्कासित कर दिया। जोरदार नारेबाजी के बीच कांग्रेस ने सदन से वॉक आउट कर दिया। इसके बाद सरकार ने विपक्ष की गैरमौजूदगी में जबरन धर्मांतरण विधेयक पारित चर्चा के लिए पेश कर दिया।
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विपक्ष ने बिल पर सवाल उठाए तो मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बिल में किसी धर्म का जिक्र नहीं है। यह बिल गलत तरह से धर्मांतरण को रोकने के लिए है। कोई भी अपनी मर्जी से धर्मांतरण का सकता है। इस दौरान सदन में पप्पू गिरी नहीं चलेगी, दादागिरी नहीं चलेगी के नारे लगे। अनिल विज और कादियान के बीच धमकी भरे लहजे में तू-तू मैं-मैं भी हो गई।
यह बिल ऐसे धार्मिक रूपांतरणों को प्रतिबंधित करने और अपराध बनाने का प्रयास करता है जो गलत बयानी, बल, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन या किसी कपटपूर्ण तरीके से या शादी के माध्यम से प्रभावित होते हैं। विधेयक में उन विवाहों को शून्य घोषित करने का भी प्रावधान है, जो एक धर्म से दूसरे धर्म में धर्मांतरण के उद्देश्य से किए गए थे।