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शातिर गिरोह का पर्दाफाश, बैंककर्मी बन 23 राज्यों में 85 हजार कॉल कर करोड़ों ठगे

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आॅनलाइन ठगी - फोटो : Amar Ujala
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देश के 23 राज्यों में फर्जी बैंककर्मी बनकर करीब 85 हजार फोन कॉल्स के जरिए साइबर ठगी की हजारों वारदातें करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा कर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन शातिर ठगों को मुंबई और पूना से धरदबोचा। जहां से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर बुधवार को जयपुर पहुंची।
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जयपुर पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल का दावा है कि राजस्थान में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिसमें कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने गिरोह के कब्जे से ठगी की करीब 10 लाख रुपए की रकम बरामद की है। आरोपियों के बैंक खातों में करीब 58 लाख रुपए नकद होने की जानकारी मिली है और एक करोड़ से अधिक की राशि जमा होने की भी सम्भावना है। गिरोह से 15 मोबाइल सिम कार्ड, 15 मोबाइल फोन और 7 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। ये पूरी रकम ठगों ने एक माह में बनाई है। गिरफ्तार आरोपियों में जामताड़ा झारखंड निवासी युसुफ मियां, मुख्तयार खान, अख्तर मियांं, पुणे महाराष्ट्र वनिवासी संजय सिंघे व शैलेश है। जबकि छठा आरोपी जामताड़ा झारखंड निवासी दिनेश मंडल है।

पुलिस के अनुसार गिरोह ने अकेले राजस्थान में करीब 50 हजार फोन कॉल्स किए, जिसमें जयपुर के लिए की गई लगभग पांच हजार कॉल्स शामिल हैं। गिरोह ने झारखंड के जामताड़ा में बैठकर ही यह फर्जी कॉल कर ठगी की सैंकड़ों वारदातें की। इसके लिए फर्जी आईडी से सैंकड़ों सिमें व मोबाइल्स जारी करवाए।
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ये ठग फोन करके लोगों से क्रेडिट कार्ड को आधार लिंक से जोड़ने, एटीएम पुराना होने से नया एटीएम जारी करने, क्रेडिट कार्ड की क्रय सीमा बढ़ाने जैसे बातें कर उनके एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर या ओटीपी नंबर ले लेते हैं। पुलिस कमिश्नरेट ने ये नंबर जारी भी किए हैं, ताकि आप ऐसे फोन नंबरों से सावधान रहें और ठगी से बच सकें। 

ये हैं ठगी के मोबाइन नं.: 7542963582, 7763879556, 9786054807, 8489423570, 9626409331, 7050944489, 7462821099, 8489429540, 9159686254, 9655064326, 9655109320, 9973731668, 7368004572, 9955986302, 9626405782, 9655215704, 9626406743, 9626105632

आप व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर या ईमेल पर कर सकते हैं शिकायत

पुलिस कमिश्नर - फोटो : Vishnu Sharma
अतिरिक्त पुलिस ​कमिश्नर प्रफुल्ल कुमार के मुताबिक इन मोबाइल नंबरों से राजस्थान में 1310, बिहार में 131, आंध्रप्रदेश में 4, आसाम में 3, दिल्ली में 65, गुजरात में 48, हरियाणा में 4, जम्मू कश्मीर में 7,केरल में 7, कर्नाटक में 103, कोलकाता में 2, महाराष्ट्र में 43, मध्यप्रदेश में 22, मुंबई में 76, ओडिशा में 121, पंजाब में 26, ​तमिलनाडू में 8, यूपी पश्चिम में 313, यूपी पूर्व में 579, पश्चिम बंगाल में 13, नागालैंड में 9 और अन्य राज्यों में 5 फोन कॉल्स कर करीब 29 सौ लोगों से संपर्क किया।

मामले में जयपुर पुलिस अब अन्य राज्यों और जिलों की पुलिस से इन नंबरों व आरोपियों के बारे में जानकारी शेयर करेंगी। ताकि और भी ठगी की वारदातें सामने आ सकेंगी। जयपुर पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने कहा कि ठगी से पीड़ित लोग कमिश्नरेट के व्हाट्सअप हैल्पलाइन नंबर 7300363636 एवं ईमेल आईडी acp.orgcrime.jpr@gmail.com पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है और यदि पीड़ित जयपुर से बाहर का निवासी है तो संबंधित पुलिस अधीक्षक को  कर सकते है।
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यूं फंसाते हैं जाल में

accused - फोटो : Vishnu Sharma
डीसीपी क्राइम विकास पाठक के मुताबिक सबसे पहले फोन कॉल्स के लिए किसी राज्य का फोन डाटा प्राप्त करते है। फिर उन नंबरों पर फोन कर खुद को बैंक मैनेजर या फिर कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताते है।

फिर कस्टमर को उनका एटीएम कार्ड बंद होने, उसकी क्रय सीमा बढ़ाने, क्रेडिट कार्ड को आधार लिंक से जोड़ने, एटीएम पुराना होने से नया एटीएम जारी करने और पिछली बार एटीएम से रकम कब निकाली थी। इन सभी बहानों से कस्टमर को झांसे में लेते और उसके एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर या ओटीपी नंबर ले लेते है।

इसके बाद इन नंबरों को स्मार्टफोन या कम्प्यूटर के माध्यम से मनी ट्रांसफर सॉफ्टवेयर पर राशि आहरित करते है। फिर कस्टमर को यह कहकर की आपको नया पासवर्ड दिया जा रहा है, यह कहकर उसके बदले में ओटीपी नंबर प्राप्त कर खाते से रुपए निकाल कर वारदात करते है।

ये गिरोह फर्जी मोबाइल सिमों पर विभिन्न ई-वॉलेट रजिस्टर कराकर काम में लेता है और पीड़ितों के खाते से पैसा अॉन लाइन ट्रांस्फर करते थे, जिससे अॉन लाइन शॉपिंग और अॉन लाइन पैसे को वॉलेट के जरिए अपने बैंक खाते में डालते हैं। ये ई वॉलेट से मोबाइल  को रीचार्ज कर पैसों में बदलते हैं। इन्होंने कुछ मोबाइल की दुकान संचालकों को भी गिरोह में फंसाया, जिन्हें 30 से 40 प्रतिशत कमीशन भी दिया।
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