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स्मॉग संकट: हवा में कम होंगे सल्फर कण, दिल्ली में आज से मिलेगा बीएस-6 पेट्रोल-डीजल

Sun, 01 Apr 2018 07:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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धुंध - फोटो : अमर उजाला
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आज से दिल्ली में आपकी कार के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के भारत स्टेज (बीएस)-6 उत्सर्जन मानक वाला पेट्रोल-डीजल मिल जाएगा। आपकी मौजूदा कार में ही इस उत्सर्जन मानक वाले ईंधन का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे आपकी कार से होने वाले उत्सर्जन में उन प्रदूषित कणों में कमी होगी जो हवा को जानलेवा बनाते हैं। खासतौर से सल्फर के कणों का उत्सर्जन बेहद कम होगा। बहरहाल दिल्ली पहला शहर होगा जहां बीएस- 6 यानी कई चरणों में रिफाइन होने वाला स्वच्छ ईंधन मिल सकेगा। अगले वर्ष एक जनवरी से दिल्ली की सीमा को छूने वाले नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत देश के अन्य बड़े 13 शहर भी बीएस-6 ईंधन की बिक्री करेंगे। 
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वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से यह निर्णय लिया गया था कि भारत में ईंधन के लिए उत्सर्जन मानक बीएस-4 वाले ईंधन के बाद सीधे 1 अप्रैल 2020 से बीएस - 6 ईंधन उपलब्ध होगा। बीएस - 5 को लागू नहीं किया जाएगा। बहरहाल दिल्ली से इसकी शुरुआत हो गई है। 

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवॉयरमेंट (सीएसई) की वायु प्रदूषण विशेषज्ञ अनुमिता रॉय चौधरी कहती हैं कि यह बेहद उपयुक्त कदम है। खासतौर से दिल्ली के लिए। वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के कारण हवा में पर्टिकुलेट मैटर 2.5 के साथ घुलने वाले सल्फर और नाइट्रोजन कण हवा को जहरीला बनाते हैं। इससे जरूर राहत मिलेगी। 
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वहीं सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक जितना रिफाइन ईंधन होगा उतना ही सूक्ष्म पर्टिकुलेट मैटर कण का उत्सर्जन होगा। बीएस-6 से पीएम 1 के बढने की संभावना बढ़ती है। ऐसे में आने वाले समय में वायु गुणवत्ता सूचकांक में यह जानकारी भी उपलब्ध होगी कि खतरनाक पीएम 1 कण की मौजूदगी कितनी है। 

बीएस-6 इंजन वाहन से ही मिल पाएगा पूरा फायदा 

दिल्ली में प्रतिवर्ष 9.6 लाख टन पेट्रोल और 12.65 लाख टन डीजल की खपत होती है। एक अप्रैल 2017 से बीएस-4 लागू किया गया था। इसमें सल्फर के 50 पाट्र्स प्रति मिलियन (पीपीएम) कणों का उत्सर्जन होता है। जबकि बीएस -6 में 10 पीपीएम कणों का ही उत्सर्जन होगा। स्मॉग के समय धुंए के साथ धुंध की छाने वाली मोटी चादर हल्की हो सकती है। वहीं यदि बीएस-6 इंजन वाले वाहन के साथ इस ईंधन को इस्तेमाल किया जाएगा तभी पूरा परिणाम हासिल हो सकता है। दिल्ली के प्रदूषण में 40 लाख से ज्यादा दोपहिया वाहन ही प्रदूषण के अहम कारण बनते हैं। ऐसे में इन्हें भी बीएस-6 पर शिफ्ट करना बड़ी चुनौती होगी। 

क्या है बीएस-6 

यूरोप में यूरो की श्रेणी में शुद्ध ईंधन की बिक्री होती है। इसी तर्ज पर भारत में भारत स्टेज शुरु किया गया था। 1 अप्रैल, 2017 से भारत स्टेज-4 का ईंधन देशभर में लागू किया गया था। अब भारत स्टेज-5 के बजाए सीधे भारत स्टेज 6 लागू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत दिल्ली से हो रही है। एक अप्रैल, 2020 तक पूरे देश में इसे लागू करने की योजना है। कई चरणों में रिफाइन होकर निकलने वाला ईंधन है। जो शुद्ध है जिसमें प्रदूषित कण कम निकलते हैं। 
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