साथ ही निर्देश हैं कि महीने के पहले शनिवार को महापुरुष की जीवनी व उससे जुड़े प्रसंग सुनाए जाएंगे। दूसरे शनिवार को अच्छे आचरण की सीख व प्रेरित करने वाली कहानियां सुनाई जाएंगी। तीसरे शनिवार को संतों का प्रवचन तथा चौथे शनिवार को महाकाव्यों पर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित होगा।
इसी प्रकार पांचवें और अंतिम शनिवार को जीवन मूल्य समझाने वाले नाटक का मंचन व विद्यार्थियों की ओर से राष्ट्रभक्ति गीत गाया जाएगा। साथ ही, महीने के अंतिम शनिवार को सभी सरकारी शिक्षकों व विद्यार्थियों द्वारा स्वैच्छिक श्रमदान भी किया जाएगा। इधर, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार शिक्षा का राजनीतिकरण व भगवाकरण करने का प्रयास कर रही है।