राजेंद्र नगर विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए आम आदमी पार्टी, भाजपा व कांग्रेस की रणनीति करीब-करीब एक समान है। सभी ने जनसभाएं, रोड शो, पदयात्रा करने के अलावा घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क साधने का निर्णय लिया है। सभी दलों के नेता घर-घर जाकर वोटरों से संपर्क करेंगे।
राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र जमा करने और उनकी जांच की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद आम आदमी पार्टी ने अपनी जीत का सिलसिला जारी रखने, भाजपा ने आप को पटखनी देने एवं कांग्रेस ने अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए कमर कस ली है।
तीनों दलों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए रणनीति तय कर ली है। उन्होंने मतदाताओं से व्यक्तिगत तौर पर संपर्क साधने पर अधिक जोर देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में उन्होंने मतदान केंद्रों के अनुसार मतदाताओं से संपर्क करने के लिए टीमें गठित की हैं। खास बात यह है कि तीनों दलों ने प्रत्येक मतदान केंद्र के अपने 10 नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की टीम बनाई है।
21 से 23 जून तक बंद रहेंगी शराब की दुकानें
राजेंद्र नगर विधानसभा उपचुनाव को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 21 जून की शाम पांच बजे से 23 जून को मतदान के समापन तक निर्वाचन क्षेत्र की सभी शराब दुकानें बंद रखने की घोषणा की है। आबकारी विभाग की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि 26 जून को मतों की गिनती के दौरान भी ड्राई डे रहेगा।
आप की टीम में एक स्थानीय व नौ बाहरी
आम आदमी पार्टी ने प्रत्येक मतदान केंद्रों के लिए बनाई टीम में नेताओं के बजाए कार्यकर्ताओं को स्थान दिया है। इन 10 कार्यकर्ताओं में एक कार्यकर्ता स्थानीय है, जबकि नौ कार्यकर्ता दूसरे इलाके के हैं। आप ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से रोजाना 50-50 कार्यकर्ता बुलाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आप ने अपने विधायकों एवं विधायक का चुनाव लड़े नेताओं को जिम्मेदारी दी है। आप ने अभी विधायकों व पूर्व पार्षदों को चुनाव में कार्य करने की जिम्मेदारी नहीं दी है। आप अपने इन कार्यकर्ताओं के माध्यम से मतदाताओं तक दिल्ली सरकार की उपलब्धि एवं जनता को दी जा रही सुविधाओं से अवगत कराएगी।
कांग्रेस स्थानीय कार्यकर्ताओं के दम पर लड़ेगी चुनाव
कांग्रेस ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर बनाई टीम में स्थानीय कार्यकर्ताओं को ही स्थान दिया है। हालांकि, कांग्रेस ने प्रत्येक टीम का प्रभारी बाहरी नेता को बनाया है। कांग्रेस ने ब्लाक अध्यक्षों को टीमों का प्रभारी बनाया है। कांग्रेस कई माह से मतदान केंद्र प्रबंधन पर कार्य कर रही है। इस कारण उसने प्रत्येक मतदान केंद्र पर उसी मतदान केंद्र के कार्यकर्ताओं को मतदाताओं से संपर्क साधने की जिम्मेदारी है। हालांकि कांग्रेस अपने पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और पूर्व पार्षदों को भी नुक्कड़ सभाएं करने की जिम्मेदारी देगी। कांग्रेस अपने इन कार्यकर्ताओं के माध्यम से मतदाताओं के समक्ष शीला सरकार ने दिल्ली के हित के साथ-साथ राजेंद्र नगर इलाके में किए गए कार्यों का रखेगी।
भाजपा की टीम में आधे स्थानीय व आधे बाहरी
नई दिल्ली। भाजपा ने मतदान केंद्र अनुसार बनाई टीम में पांच सदस्य स्थानीय और पांच सदस्य बाहरी शामिल किए है। बाहरी सदस्यों में मंडल स्तर के पदाधिकारी है। इसके अलावा इस टीम पर एक नेता को प्रभारी नियुक्त किया है। भाजपा ने पूर्व पार्षदों को प्रभारी बनाया है और उन्हें तीन से लेकर पांच मतदान केंद्रों की टीम के प्रभारी की जिम्मेदारी दी है। ये पूर्व पार्षद अपने अधीन मतदान केंद्रों के संबंध में होमवर्क करने में जुटे हुए है। ये खासकर मतदाताओं के क्षेत्र एवं जाति और धर्म के बारे में मालूम कर रहे है। वहीं भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं की टीम के माध्यम से मतदाताओं तक केंद्र सरकार की उपलब्धियां, जनता के हित में किए गए कार्यों और दिल्ली सरकार की नाकामियों को पहुंचाने का निर्णय लिया है।