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सीएम विजय के AI वीडियो बनाने का हुआ खुलासा: पाकिस्तान से जुड़ा तार, राजस्थान में यहां से हुई गिरफ्तारी

Wed, 16 Sep 2026 02:23 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

सार

तमिलनाडु सीआईडी टीम ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का एआई-निर्मित फर्जी डीपफेक वीडियो बनाकर ठगी की कोशिश के आरोप में राजस्थान से 28 वर्षीय शायबू खान को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मोबाइल, सिम और सीपीयू बरामद किए। जांच में ऐसे अन्य फेसबुक अकाउंट भी मिले हैं, जिनके पाकिस्तान से जुड़े होने की आशंका है।
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मुख्यमंत्री का डीपफेक बनाने के मामले में हुए गिरफ्तारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तमिलनाडु अपराध शाखा-सीआईडी की टीम ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का एआई-निर्मित फर्जी डीपफेक वीडियो बनाकर उसे प्रसारित करने और जनता के साथ धोखाधड़ी की कोशिश करने के मामले में राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के अलवर जिले में स्थित लक्ष्मणनगर निवासी शायबू खान (28) के रूप में हुई है। विशेष सीबी-सीआईडी टीम ने स्थानीय पुलिस की सहायता लेते हुए आरोपी को पकड़ा। इसके बाद खान को कैदी ट्रांजिट वारंट पर तमिलनाडु ले जाया गया, जहां से उसे अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

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एआई तकनीक से की गई ठगी की कोशिश
अपराध शाखा द्वारा इंटरनेट पर नियमित निगरानी के दौरान फेसबुक पर ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें मुख्यमंत्री की एआई-जनित छवि के साथ हिंदी आवाज का प्रयोग किया गया था। इन वीडियो में आम नागरिकों से दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क साधने के लिए कहा जा रहा था, ताकि लोग वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकें। पुलिस के अनुसार, इन फर्जी वीडियो का मुख्य मकसद निर्दोष नागरिकों को झांसे में लेकर उनसे ठगी करना था। धोखाधड़ी से भरे इस वीडियो सामग्री की पहचान होने के बाद उसे इंटरनेट प्लेटफॉर्मों से तुरंत हटवाने की प्रक्रिया पूरी की गई। मामले की तह तक पहुंचने के लिए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन कर उन्हें राजस्थान और मध्य प्रदेश भेजा गया।

छापेमारी में कई डिजिटल उपकरण बरामद
राजस्थान के अलवर में की गई कार्रवाई के दौरान सीबी-सीआईडी की टीम ने आरोपी शायबू खान के ठिकाने से एक मोबाइल फोन, सिम कार्ड और सीपीयू जब्त किया है। इन सभी जब्त डिजिटल उपकरणों को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल फर्जी सामग्री के निर्माण और उसके वितरण में किस तरह किया गया।
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पाकिस्तान से जुड़े पाए गए डिजिटल तार
मामले की पड़ताल कर रही पुलिस ने पुष्टि की है कि फेसबुक के कई अन्य खातों से भी इसी प्रकार के नकली वीडियो लगातार साझा किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन फेसबुक खातों की उत्पत्ति पाकिस्तान से हुई है। विदेशी अपराधियों की संलिप्तता की संभावना को देखते हुए पुलिस द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल ट्रैकिंग का काम जारी रखा गया है।

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