तीन दिन पहले वीआरएस ले चुके बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने दावा किया कि वो बिहार की किसी भी सीट से चुनाव जीत सकते हैं। पांडेय ने कहा कि एक अभियान के तहत लगातार उनका नाम राजनीति से जोड़ा जा रहा था। राजनीति करना अपराध नहीं है और अगर उन्हें राजनीति करनी होगी तो किसी अभियान चलाने वाले से पूछने नहीं जाएंगे।
पांडेय ने कहा, लोग बड़ी संख्या में मेरे पास आ रहे हैं, मुझे बता रहे हैं कि अगर मुझे राजनीति में आना है तो मुझे उनके जिले से चुनाव लड़ना चाहिए। हर कोई मेरे बहुत करीब है। यह जनता का फैसला होगा। अगर वे मुझे चाहते हैं, तो ही मैं राजनीति मैं राजनीति में आऊंगा।
उन्होंने कहा कि वह एक दो दिन में तय करेंगे कि उन्हें राजनीति करनी है या नहीं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से लोग उनसे मिलने आ रहे हैं। अब तक 14 विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ने का न्योता दे चुके हैं। वहीं, पांडेय ने कहा कि अगर वो पद नहीं छोड़ते तो चुनाव आयोग उन्हें हटा देता। ये बेहद अपमानजनक होता क्योंकि कुछ लोग मेरे खिलाफ अभियान चला रहे थे।
बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कहा कि वह राजनीति में आना उनके गृह जिले (बक्सर) के लोगों की इच्छा से होगा। उन्होंने कहा, बक्सर मेरा गृह जिला है जहां मेरा जन्म और परवरिश हुई था। यह उनका निर्णय होगा।
भाजपा की रणनीति
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने फैसला किया है कि प्रत्येक जिले में पार्टी के स्थानीय कैडरों को अंतिम रूप से यह चुनना होगा कि उनकी विधानसभा सीटों में से कौन उम्मीदवार होगा।
राज्य के एक शीर्ष पार्टी नेता के मुताबिक, पार्टी ने इस उद्देश्य के लिए गुप्त मतदान के लिए बुधवार को पटना में 10 बड़े हॉल बुक किए थे। ब्लॉक टू स्टेट लेवल पार्टी कैडर्स को विधानसभा सीट उम्मीदवार चुनने के लिए गुप्त बैलट के जरिये होने वाले मतदान के लिए तीन नाम देने का विकल्प दिया गया है।