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बहुत से लोगों को गठबंधन पर परेशानी होने लगती है, सांप्रदायिकता से नहीं करेंगे समझौता: नीतीश

Tue, 19 Jun 2018 12:53 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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नीतीश कुमार
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बिहार की सियासत एक बार फिर गर्म है। गठबंधन की राजनीति ने राज्य में एक बार फिर कयासों के बाजार को गर्म कर दिया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में बाहर से भले ही एकजुटता दिखाने की कोशिश घटक दल कर रहे हैं लेकिन अंदर सबकुछ ठीक नहीं है। सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा, जदयू, रासलोपा और लोजपा में बयानबाजी और एक-दूसरे पर छींटाकशी जारी है। भाजपा जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को बड़ा बता रही है वहीं जदयू नीतीश कुमार के चेहरे पर ही चुनाव लड़ना चाहती है। अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इशारों-इशारों में गठबंधन पर बड़ी बात कही है।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वो अपने एजेंडे पर काम करते रहेंगे। अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से समझौता करना उनके एजेंडे में नहीं है। उनका एक एजेंडा है, न्याय के साथ विकास का। उन्हें जितना अवसर मिला उन्होंने लोगों की सेवा में अपना समय लगाया। उन्होंने कहा कि गठबंधन काम करने के लिए होता है। बहुत लोगों को गठबंधन के अंदर झंझट हो जाता है, परेशानी हो जाती है। उसको छोड़िए, काम देखिए। काम का जो एजेंडा है, उसे देखिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नीति आयोग के समक्ष हमने बिहार की मांगों को रखा है। विशेष राज्य की मांग हम रखते रहेंगे। साथ ही अपने बल-बूते राज्य के विकास के लिए काम करते रहेंगे। 

उपचुनावों में भाजपा को मिली हार की वजह से कई घटक दलों और विपक्ष के उत्साह में बढ़ोत्तरी हुई है। बिहार में जनता दल युनाइटेड (जदयू) और महाराष्ट्र में शिवसेना के बयान काफी गौर करने वाले हैं। लोकसभा के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार भाजपा के पास बिहार की सबसे ज्यादा 22 सीटें मौजूद हैं। वहीं राम विलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के पास सात और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के खाते में दो सीटें हैं।
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बिहार में खुद को बड़ा भाई बताने वाली जदयू के पास लोकसभा के दो सांसद हैं। ऐसे में सीटों के बंटवारे पर पेंच फंसना तय है। राज्य में सबसे बड़ा सवाल सीटों के बंटवारे को लेकर ही है कि आखिर किस आधार पर सीटें बांटी जाएंगी। पिछले लोकसभा चुनावों वाले, पिछले विधानसभा वाले या 2009 के लोकसभा चुनाव के फॉर्मूले को अपनाया जाएगा। इसपर अभी बात होनी बाकी है। वहीं जदयू और भाजपा के बीच सबकुछ ठीक नहीं होने की वजह से कांग्रेस ने नीतीश कुमार को महागठबंधन में शामिल होने का न्यौता दिया है। जिसपर कि कुमार ने कोई टिप्पणी नहीं की है।

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