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Monkeypox: गढ़वा की बच्ची में मिले मंकीपॉक्स के लक्षण, सरकार ने अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का दिया आदेश

Wed, 27 Jul 2022 05:33 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

कोरोना के बाद एक बार फिर लोगों में मंकीपॉक्स को लेकर दहशत है। सरकारें मंकीपॉक्स को लेकर अलर्ट मोड पर हैं। इसी बीच, झारखंड के गढ़वा में एक बच्ची में मंकी पॉक्स के लक्षण पाए गए हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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मंकीपॉक्स। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कोरोना के बाद एक बार फिर लोगों में मंकीपॉक्स को लेकर दहशत है। सरकारें मंकीपॉक्स को लेकर अलर्ट मोड पर हैं। इसी बीच, झारखंड के गढ़वा में एक बच्ची में मंकी पॉक्स के लक्षण पाए गए हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल जांच के लिए उसके सैंपल भेजे गए हैं।  वहीं, सरकार भी इस बीमारी को लेकर सतर्क है। झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य अधिकारियों को सतर्क रहने और सभी जिला अस्पतालों में आइसोलेशन बेड की व्यवस्था करने को कहा है। 

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गढ़वा का है मामला
जानकारी के मुताबिक, बच्ची गढ़वा जिले के टंडवा की रहने वाली है। गढ़वा सदर अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। बच्ची के हाथ व पैर में कई फफोले उग आए हैं। उसे बुखार भी आ रहा है। बच्ची में मंकीपॉक्स के लक्षण मिलने को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट है।  बच्ची का सदर अस्पताल स्थित एनसीडी (नन कम्युनिकेबल डिजीज) सेंटर में आइसोलेट कर इलाज किया जा रहा है। 

जांच के लिए भेजे गए सैंपल
अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य अरुण कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि लड़की के नमूने एकत्र कर लिए गए हैं और उन्हें परीक्षण के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी), पुणे भेजा जाएगा। साथ ही नमूने राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) भी भेजे जा रहे हैं। 
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गढ़वा के सिविल सर्जन डॉ कमलेश कुमार के अनुसार, लड़की की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है।  यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि उसका बुखार और दाने किसी दवा एलर्जी के कारण तो नहीं हैं। 

सरकार ने किया अलर्ट
उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी 24 जिलों में स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। सिंह ने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के अधिकारियों को भी एहतियात के तौर पर प्रत्येक सुविधा में पांच आइसोलेशन बेड तैयार रखने का निर्देश दिया गया है।

गौरतलब है कि 24 जुलाई तक देश के अन्य हिस्सों में मंकीपॉक्स के चार मामले सामने आए हैं। साथ ही 24 जुलाई तक 75 देशों में इस बीमारी के 16,000 से अधिक मामले सामने आए हैं और इसके प्रकोप के परिणामस्वरूप अब तक पांच मौतें हो चुकी हैं। 23 जुलाई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (Public Health Emergency) घोषित किया था। डब्ल्यूएचओ चीफ टेडरोस अदनहोम गेब्रेहेसुस ने कहा वैश्विक मंकीपॉक्स का प्रकोप अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय है। 

कई देशों में मंकीपॉक्स के मामलों की रिपोर्ट के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को अस्पतालों को रोगसूचक रोगियों पर नजर रखने के लिए निर्देशित करने की सलाह दी है, जिन्होंने हाल ही में मंकीपॉक्स से प्रभावित देशों की यात्रा की है।

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