मध्य प्रदेश के इंदौर में धार्मिक परंपरा से जुड़े हिंगोट युद्ध के दौरान 36 घायल लोगों में से शनिवार को एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। उल्लेखनीय है की हिंगोट युद्ध (अग्निबाण) गोवर्धन पूजा के दिन खेला जाता है और यह बरसों पुरानी परंपरा है।
जानकारी के अनुसार दिवाली के अगले दिन इंदौर के गौतमपुरा में दो दलों तुर्रा और रुणजी के बीच मुकाबला था। दोनों तरफ से हिंगोट बरसाए गए। इस दौरान 36 लोग घायल हो गए, जिनमें तीन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया। शनिवार को बड़नगर के 25 वर्षीय किशोर ने दम तोड़ दिया।
बता दें कि इंदौर से 55 किमी दूर गौतमपुरा इलाके में हर साल हिंगोट युद्ध होता है। यह एक प्राचीन धार्मिक परंपरा है, लिहाजा सरकार या प्रशासन भी इस पर रोक नहीं लगा पाता। शुक्रवार को भी डॉक्टरों सहित प्रशासन का अमला मौजूद था। घायलों में से 33 लोगों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया और तीन को एमवाय अस्पताल में दाखिल करना पड़ा।
क्या है हिंगोट
हिंगोट दरअसल हींगोरिया नामक जंगली पेड़ का नींबू के आकार का फल होता है। हिंगोट युद्ध के लिए इसे तोड़कर जमा किया जाता है। ऊपर से यह काफी कठोर होता है। अंदर से इसका गूदा निकालकर इसमें बारूद भर दिया जाता है। युद्ध में दोनों पक्ष इसमें आग लगाकर एक दूसरे पर इसे दागते हैं। इस खेल में हर साल लोग घायल होते हैं।