आगरा के एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती मरीजों को अब पहचान पत्र जमा करना होगा। इमरजेंसी समेत सभी विभागों को इस बाबत निर्देशित कर दिया है। तीमारदार डिस्चार्ज होने तक मरीज का पहचान पत्र विभाग में जमा कर सकता है। यह पूरी कवायद फर्जी मरीजों के भर्ती से बचने के लिए किया जा रहा है।
बताया गया है कि बीते दिनों इमरजेंसी में एक फर्जी मरीज भर्ती हो गया था, जिस पर आपराधिक मामला चल रहा था। इससे बचने के लिए एसएन प्रशासन ने बैठक कर मरीजों की पहचान करने के लिए इस पर चर्चा की थी।
अब इसे अमल में लाया जाएगा। दरअसल, एसएन में इमरजेंसी और सभी विभागों में औसतन 650 भर्ती मरीजों की संख्या रहती है। इनके तीमारदार को मरीज को आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड समेत अन्य कोई पहचान पत्र देना होगा।
एसआईसी डा. अजय अग्रवाल का कहना है कि मरीजों की पहचान के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं। विभागों में पहचान पत्र लेने को कहा गया है। इससे इलाज में भी आसानी होगी।