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आजम के बचाव में मांझी का शर्मनाक बयान, कहा- भाई-बहन और मां-बच्चा 'किस' करते हैं तो क्या वो गलत है?

Sun, 28 Jul 2019 02:03 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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जीतन राम मांझी (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
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हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान के बयान का बचाव करते हुए महिलाओं को लेकर एक शर्मानाक टिप्पणी की है। मांझी ने कहा कि अगर बहन और भाई मिलते हैं और वो किस करते हैं तो क्या ये गलत काम करने जैसा है? 

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उन्होंने कहा कि अगर बच्चा अपनी मां को और मां अपने बच्चे को किस करती है तो क्या वो गलत काम है? आजम खान के बयान (भाजपा की रमा देवी पर) को गलत तरीके से समझा जा रहा है। इसलिए उन्हें माफी जरूर मांगनी चाहिए लेकिन इस्तीफा नहीं देना चाहिए।
 





बता दें कि लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान आजम खान अपनी बात रख रहे थे। स्पीकर की चेयर पर बैठीं भाजपा सांसद रमा देवी ने आजम से कहा कि वह उनकी ओर देख कर अपनी बात कहें। इस पर आजम ने कहा कि आप मुझे इतनी अच्छी लगती हैं कि मेरा मन करता है कि आपकी आंखों में आंखें डाले रहूं। 
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आजम के इस बयान पर स्पीकर रमा देवी ने भी आपत्ति जताई और भाजपा सांसदों ने भी। इसके बाद ओम बिड़ला वापस कुर्सी पर बैठे। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आजम को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए तो आजम ने पलटवार करते हुए कहा था कि रमा देवी उनकी बहन जैसी हैं माफी किस बात की। इस पर भाजपा सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। 

वहीं, सपा अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव अपने सांसद आजम खान के बचाव में उतरे। अखिलेश ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आजम खान ने कुछ आपत्तिजनक कहा। चेयर (आसन) के बारे में बात नहीं की गई है। अखिलेश यहीं नहीं रुके, उन्होंने भाजपा सांसदों को 'बदतमीज' कहते हुए पूछा कि भाजपा सांसद उंगली उठाने वाले कौन होते हैं।   

आजम खान ने कहा था कि वह तो मेरी बहन जैसी हैं। मैंने आज तक किसी से अभद्र लहजे में बात नहीं की। सदन में बैठी किसी भी महिला से मैंने अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया हो तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं। 

उन्होंने कहा कि मेरा लंबा संसदीय अनुभव रहा है, ऐसे अपमानित होकर बोलने से कोई फायदा नहीं है। इतना कह कर वह सदन छोड़ कर चले गए। हालांकि भाजपा सांसदों उनके जाने के बाद भी हंगामा करते रहे। 

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