राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 10 दिन बाद शुरू होने वाला है। जयपुर डेयरी ने पहली बार सत्र से ठीक पहले 28 लाख का बकाया नोटिस थमा नए विवाद को खड़ा कर दिया है। डेयरी ने विधानसभा सचिव को लिखा है कि बकाया 28 लाख रुपए चुका दो, नहीं तो मानसून सत्र के दौरान सस्ती चाय-कॉफी की सप्लाई नहीं करेंगे। अब चाय कॉफी चाहिए तो भी पुरानी दरों पर नहीं मिलेगी।
अब मंत्रिमंडल की मीटिंग हो चाहे सदन के नेताओं के कमरों में चाय-कॉफी लस्सी-छाछ सप्लाई, सब नई दरों पर करेंगे। ऐसे में डेयरी विधानसभा का विवाद सरकार तक पहुंच गया है। डेयरी के नए प्रस्ताव को माना जाता है तो अब चाय 2 रुपए की जगह 6 रुपए में तथा कॉफी 4 की जगह 8 रुपए में सदन में मिलेगी। जबकि अब तक इतिहास में सदन में हर आइटम सब्सिडियरी रेट पर मिलता रहा है।
विधानसभा अधिकारियों ने बताया कि जयपुर डेयरी प्रबंधन ने 28 लाख रुपए बकाया का बिल विधानसभा को थमाया है। जबकि डेयरी के ही विधानसभा इंचार्ज से पूछा तो सामने आया कि कोई राशि बकाया नहीं है। अब विधानसभा सचिव ने डेयरी से विधानसभा को सप्लाई सामान की उत्पादन लागत व सप्लाई की मिलाकर 3 माह की बैलेंस शीट मांगी है।
दूसरी तरफ डेयरी प्रबंधन की 2 माह के अंदर सप्लाई बंद करने की चेतावनी को लेकर सरकार को अवगत करा दिया है। विधानसभा की तरफ से डेयरी एसीएस को भेजे पत्र के अनुसार अब विभाग तय करें कि सदन में विधायक-मंत्री और सरकार को सस्ती दर पर सप्लाई देना चाहते हैं या महंगी? यदि डेयरी के प्रस्ताव को माना गया तो चाय की दरें तीन गुणी और कॉफी की दो गुणी हो जाएगी।