इस मामले में सीबीआई ने तेजस्वी यादव की जमानत रद्द करने की मांग की है। 28 सितंबर को कोर्ट ने तेजस्वी को सीबीआई की अर्जी का जवाब दाखिल करने के लिए मोहलत दी थी। इसके साथ ही 18 अक्तूबर को पेशी तय की थी।
आईआरसीटी घोटाला मामले में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की जमानत निरस्त करने की सीबीआई की मांग पर आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान यादव के वकीलों ने केंद्र सरकार पर विपक्ष के खिलाफ सीबीआई व ईडी का दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। सीबीआई ने भी अपना पक्ष रखा। सुनवाई के बाद कोर्ट ने राजद नेता को फटकारते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने पाया कि जमानत निरस्त करने कोई खास आधार नहीं हैं।
Delhi Court asks Tejashwi Yadav to be responsible & choose words appropriately while speaking in public; reserves order & says a detailed order will be passed.Court finds no specific ground for cancelling the bail but warms Tejashwi to be more careful and choose appropriate words
क्या है IRCTC होटल घोटाला
IRCTC घोटाला 2004 में संप्रग सरकार में लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान का है। दरअसल, रेलवे बोर्ड ने उस वक्त रेलवे की कैटरिंग और रेलवे होटलों की सेवा को पूरी तरह IRCTC को सौंप दिया था। इस दौरान झारखंड के रांची और ओडिशा के पुरी के बीएनआर होटल के रखरखाव, संचालन और विकास को लेकर जारी टेंडर में अनियमिताएं किए जाने की बातें सामने आई थीं। ये टेंडर 2006 में एक प्राइवेट होटल सुजाता होटल को मिला था। आरोप है कि सुजाता होटल्स के मालिकों इसके बदले लालू यादव परिवार को पटना में तीन एकड़ जमीन दी, जो बेनामी संपत्ति थी। इस मामले में भी लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 11 लोग आरोपी हैं।
इस मामले में कब क्या-क्या हुआ?
आपको बता दें कि सीबीआई ने जुलाई 2017 में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव समेत 11 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद सीबीआई(CBI) की एक विशेष अदालत ने जुलाई 2018 में लालू प्रसाद और अन्य के खिलाफ दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लिया था।