आईआईटी के बीटेक छात्रों को अब ग्रामीण इलाकों में अपना पहला इंटर्नशिप करना होगा। इस दौरान छात्रों द्वारा किए गए कार्यों के लिए क्रेडिट स्कोर मिलेगा। जो कि अकादमिक रिपोर्ट में जोड़ा जाएगा। खास बात यह है कि बतौर पायलट प्रोजेक्ट आईआईटी दिल्ली कैंपस से इसी सत्र से शुरू होने जा रहा है। यह सभी के लिए अनिवार्य होगा।
आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. रामगोपाल राव के मुताबिक, अभी तक इंटर्नशिप में छात्र कंपनियों में जाकर सीखते हैं। लेकिन अब छात्रों को तकनीक की पढ़ाई के साथ-साथ भारतीय परंपरा, संस्कृति और आम लोगों की दिक्कतों से भी रूबरू करवाया जाएगा। इंटर्नशिप का मुख्य उद्देश्य है कि छात्र ग्रामीणों की दिक्कतों को समझ सकें। पचास छात्रों का ग्रुप दिल्ली समेत
एनसीआर के गांवों में जाएगा।
गर्मियों की छुट्टी में बहाएंगे पसीना
प्रोफेसर राव के मुताबिक, आईआईटी में आम लोगों की दिक्कतों को दूर करने पर आधारित रिसर्च को प्राथमिकता दी जा रही है। गर्मियों की छुट्टियों में छात्र इंटर्नशिप करेंगे। छात्र वहां पेयजल, खेती, परिवहन, शौचालय, सड़क, नालियों, कूड़ा निस्तारण आदि को समझेंगे। वह समस्याओं की जड़ तक पहुंचकर प्रोफेसर की सहायता से उसका हल खोजेंगे। प्रोजेक्ट सफल रहने पर इसे गांव के लोगों तक पहुंचाया जाएगा। बाद में इस योजना को केंद्र सरकार की उन्नत भारत अभियान योजना से भी जोड़ा जाएगा।
एम्स के डॉक्टरों के साथ भी होगी ट्रेनिंग
प्रो. राव के मुताबिक, किसानों की समस्याओं की तरह ही आईआईटी के छात्र डॉक्टरों को इलाज के दौरान आने वाली समस्याओं को समझकर उन्हें हल करने की भी कोशिश करेंगे। इसके लिए ये छात्र एम्स के डॉक्टरों के साथ काम करेंगे। जल्द ही आईआईटी दिल्ली और एम्स के बीच एक करार होने जा रहा है।