उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सोमवार को सरकारी सेवाओं की होम डिलीवरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे पहले उन्होंने डोर स्टेप डिलीवरी (घर-घर सरकारी सेवा) ऑफ पब्लिक सर्विस से संबधित दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को आपत्ति जताते हुए लौटा दिया था। इसका राज्य सरकार ने कड़ा विरोध किया था। हालांकि बाद में सरकार ने उपराज्यपाल की आपत्तियों को दूर करते हुए दोबारा प्रस्ताव भेजा था।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रस्ताव को स्वीकृति देने के लिए एलजी का धन्यवाद किया है।
उपराज्यपाल सचिवालय के अनुसार, मुख्यमंत्री के आश्वस्त करने के बाद प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। केजरीवाल ने आश्वासन दिया था कि सरकार सेवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी की प्रणाली को मजबूत करने के लिए काम करेगी। मोबाइल सहायक और इंटरनेट कियोस्क के जरिए सेवाएं प्रदान करने की दोनों प्रणालियां एक दूसरे की पूरक हैं। सचिवालय के अनुसार, उपराज्यपाल ने एक माह के भीतर इंटरनेट कियोस्क स्थापित करने के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित प्रशासनिक विभाग को सलाह दी है।
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इन सेवाओं के लिए नहीं जाना होगा दफ्तर
जाति प्रमाण पत्र, पानी का कनेक्शन, आयकर प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, डुप्लीकेट आरसी, आरसी में पता में बदलाव आदि।