केंद्र और
जम्मू-कश्मीर सरकार के बीच शिक्षा में सुधार को लेकर समझौता हुआ है। इसके तहत आतंकवाद प्रभावित जिलों के एक साल में करीब दस हजार कश्मीरी छात्र भारत भ्रमण करेंगे। इसके तहत वे अन्य राज्यों के स्कूलों में जाकर देखेंगे कि वहां के छात्र कैसे पढ़ाई करते हैं। इसमें भारतीय संस्कृति व भाषाओं को जानने-समझने का भी मौका मिलेगा।
दिल्ली में सोमवार को केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार के बीच स्कूली शिक्षा को लेकर समझौता हुआ। मानव संसाधन विकास मंत्री
प्रकाश जावडे़कर ने बताया कि इस योजना का खर्चा केंद्र उठाएगा। संवेदनशील जिलों के स्कूलों को दोबारा शुरू करना और प्रदेश की स्कूली शिक्षा में सुधार मुख्य रूप से शामिल है।
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स्कूलों में अब एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से पढ़ाई करवाई जाएगी। इसके अलावा प्रदेश शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूल अब सीबीएसई बोर्ड से मान्यता ले सकेंगे, इसके लिए नियमों में छूट भी दी जा रही है। स्कूलों में डिजिटल शिक्षा, इंटरनेट, सोलर पैनल समेत अच्छी साइंस व कंप्यूटर लैब बनायी जाएंगी।
18 को दिल्ली पहुंचेंगे कश्मीरी छात्र
स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम की शुरुआत जम्मू-कश्मीर से की जा रही है। इसी के तहत एक साल में करीब दस हजार छात्र देशभर में भ्रमण करेंगे। वहीं, अन्य राज्यों के छात्र जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे। इस योजना के पहले चरण में 18 जनवरी को जम्मू कश्मीर के छात्र दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस दौरान उन्हें 26 जनवरी की परेड देखने का भी मौका मिलेगा।