ऑक्सीजन की वजह से 10 मरीजों ने गवाई जान
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सोमवार को भोपाल के पीपुल्स अस्पताल में 10 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। सुबह 5 से 7 बजे की बात है, अस्पताल के डी-ब्लॉक के कोविड वार्ड में अचानक ऑक्सीजन सप्लाई का प्रेशर कम होने लगा। ठीक तरह से ऑक्सीजन न मिलने की वजह से भर्ती मरीजों को घबराहट होने लगी। इसे देख वार्ड में अफरा-तफरी मचने लगी, नर्स और वार्ड बॉय चीखने-चिल्लाने लगे। कुछ नर्सिंग स्टाफ ने मरीजों के रिश्तेदारों को इस घटनाक्रम की सूचना दी, तो वे घर पर रखे छोटे सिलिंडर उठाकर ले आए। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। 10 मरीज दम तोड़ चुके थे।
नर्सिंग स्टाफ ने प्रशासन को नहीं दी थी इसकी सूचना
जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को ऑक्सीजन प्रेशर डाउन होने की सूचना नहीं दी थी। जब अधिकारियों को इस बात की जानकारी प्राप्त हुई तब उन्होंने तत्काल प्रभाव से सिलिंडर पहुंचाए और प्रेशर मेंटेन कराया। अगर ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचने में जरा सी भी देरी होती तो वार्ड में भर्ती अन्य 40 मरीजों की भी जान चली जाती। गौरतलब है कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी की वजह से पिछले 13 दिनों में 56 मरीज दम तोड़ चुके हैं।
अस्पताल से फोन आने पर सिलिंडर लेकर पहुंची, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी
पूजा विश्वकर्मा ने मीडिया को बताया, 15 अप्रैल से मेरा भाई मासूम विश्वकर्मा, चाचा सुरेश विश्वकर्मा और पिता मदनलाल इस अस्पताल में भर्ती थे। सोमवार की सुबह 5 बजे भाई और पापा से बात हुई थी, तब तक कुछ नहीं हुआ था, लेकिन 6 बजे अस्पताल से फोन आया, नर्स ने बताया की ऑक्सीजन का प्रेशर डाउन हो गया है और मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इमरजेंसी के लिए घर पर एक ऑक्सीजन सिलिंडर पड़ा था। खबर मिलते ही ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर अस्पताल पहुंची। दरवाजा बंद था। मैंने बहुत चिल्लाया, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। थोड़ी देर बाद सूचना मिली कि तीनों की मृत्यु हो गई है। मेरा तो पूरा परिवार ही खत्म हो गया।