पांच स्कूलों पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई
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विच्छेदित पाठ्यक्रम (स्प्लिट सिलेबस) की ऑनलाइन प्रविष्टि समय पर पूरी नहीं करने के मामले में पांच सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का वेतन और मानदेय तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। झारखंड शिक्षा परियोजना, धनबाद के जिला शिक्षा अधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम अधिकारी ने इस संबंध में कड़ा कदम उठाते हुए आधिकारिक आदेश जारी किया है। विभाग ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों और वार्डन को गुरुजी एप पर सिलेबस की ऑनलाइन प्रविष्टि जल्द से जल्द पूरी करने का सख्त निर्देश दिया है। जब तक यह कार्य पूरा नहीं होता, तब तक संबंधित शिक्षकों को भुगतान नहीं किया जाएगा।
निर्देशों की अनदेखी पर कार्रवाई
जारी विभागीय आदेश के अनुसार, राज्य परियोजना निदेशक तथा झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची की ओर से स्प्लिट सिलेबस की ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और यूजर मैनुअल पहले ही उपलब्ध कराए गए थे। इसके बावजूद संबंधित विद्यालयों ने निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा के तहत गुरुजी एप पर प्रविष्टि दर्ज नहीं की। शिक्षा विभाग ने इस लापरवाही को उच्च स्तर से मिले निर्देशों का उल्लंघन और अपने कार्य के प्रति गंभीर शिथिलता माना है। इसी आधार पर विभाग ने संबंधित पांचों स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन व मानदेय पर रोक लगाने का कड़ा फैसला लिया है।
कार्रवाई की जद में आए पांच स्कूल
विभागीय आदेश के अनुसार जिले के पांच सरकारी विद्यालयों के खिलाफ यह बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। इनमें बलियापुर स्थित राजकीय बुनियादी उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय पारसबनियां, संस्कृत उच्च विद्यालय धनबाद, सिजुआ का गांधी स्मारक उच्च विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय धनबाद और झरिया क्षेत्र के सिंदरी में स्थित मजदूर उच्च विद्यालय शामिल हैं। इन सभी विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को तुरंत अपनी लंबित प्रविष्टियों को पोर्टल पर अपलोड कर अद्यतन रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है।
प्रविष्टि पूरी होने तक रोका गया वेतन
पत्र में यह स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि समीक्षा के समय तक संबंधित विद्यालयों द्वारा गुरुजी एप पर स्प्लिट सिलेबस की कोई प्रविष्टि अपलोड नहीं की गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने अगले आदेश तक तथा कार्य पूर्ण होने तक वेतन और मानदेय स्थगित करने का निर्णय लिया है।