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हथिनी कुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी से दिल्ली में बाढ़ का खतरा, 1500 लोगों को किया गया शिफ्ट

Sun, 29 Jul 2018 09:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बाढ़ और बारिश के चलते कई राज्यों में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से यमुना नदी में बाढ़ आ गई है। दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 205.50 मीटर पहुंच गया जोकि खतरे के निशान से 0.67 मीटर ऊपर है। आज सुबह पुरानी दिल्ली रेलवे ब्रिज के पास यमुना का जलस्तर रिकार्ड किया गया। रविवार सुबह 6 बजे 2 लाख 53 हज़ार क्यूसेक पानी फिर हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया है ये पानी दो दिन बाद दिल्ली पहुंचेगा।

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पूर्वी दिल्ली के डीएम ने बताया कि अब तक 1500 लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाके से बाहर निकाल लिया गया है। पूर्वी जिले में 10 स्थानों पर 550 टेंट लगाए गए हैं। यदि ज्यादा जरूरत होगी तो हम उन्हें स्कूलों और रैन बसेरों में ठहराएंगे।

वही डिप्टी सीएम मनीष सुसोदिया निजामुद्दीन पुल पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से निवेदन किया कि यमुना का पानी तेजी से बढ़ रहा है इसलिए खुद सुरक्षित स्थान पर चलें जाए।
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कई इलाके कराए गए खाली
उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश और हथिनी कुंड बैराज से लगातार लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी उफान पर है। यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। अगले कुछ दिनों में यमुना के आसपास के इलाकों में हालात बिगड़ सकते हैं। इसके चलते दिल्ली सरकार ने यमुना के किनारे वाले इलाकों में बसे लोगों को अलर्ट जारी किया है और कई इलाके खाली करा लिए गए हैं। 

हरियाणा से शनिवार सुबह पानी छोड़े जाने के बाद हथिनी कुंड से दोबारा 11 बजे पानी छोड़ा गया। इसके बाद यमुना में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को लेकर दिल्ली सरकार ने दूसरी चेतावनी भी जारी की। लोगों के बचाव के लिए बोट तैनात कर दी गई है, वहीं 10 स्थानों पर टेंट भी लगाए जा रहे हैं।

उधर, दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने निचले इलाकों में रह रहे लोगों को हटाना आरंभ कर दिया है। विभाग ने करीब सौ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। यमुना नदी के किनारे गांधी मंडू, न्यू उस्मानपुर, यमुना पुस्ता और सोनिया विहार जैसे निचले इलाकों में बने घरों को खाली करने का निर्देश जारी किया है। 

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40 साल में नौवीं बार खतरे का निशान पार किया

यमुना में पानी बढ़ने के कारण हथिनी कुंड बैराज के 18 गेटों को खोल दिया गया है। हथिनीकुंड बैराज से शनिवार को छह बजे तक छह लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह पानी अगले 50 से 60 घंटे में दिल्ली पहुंचेगा, जिससे दिल्ली में यमुुना का जलस्तर और बढ़ सकता है।

यमुनानगर के 90 गांव पर बाढ़ का खतरा, खेतों में घुसा पानी
 के यमुनानगर में यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने से यमुनापार के छह गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। यमुना का पानी खेतों में घुसने से करीब तीन हजार एकड़ फसल खराब होने के कगार पर है। जिले के 90 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। करनाल, पानीपत, सोनीपत और फरीदाबाद में भी यमुना से सटे इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही यमुना के दो किमी दायरे और निचले इलाकों में बसे गांवों को खाली करने ही हिदायत दी है। 

वायुसेना और सेना से किया संपर्क
प्रशासन ने मदद के लिए सेना, वायुसेना व एनडीआरएफ से संपर्क किया है। यमुना के आसपास बसी आबादी को खाली कराया जा रहा है। प्रदेश की बरसाती नदियां, घग्घर, टांगरी, मार्कंडा में भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
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