आरोपी ने धमकी दी कि अगर रुपये नहीं मिले तो अंजाम ठीक नहीं होगा। पीड़ित का परिवार घबरा गया। उसकी पत्नी व परिवार के बाकी लोगों ने मामले की सूचना नंद नगरी थाने में दी। पुलिस को भी मामला फिरौती के लिए अगवा किए जाने का लगा। फौरन टीम का गठन कर जांच शुरू कर दी गई।
आरोपियों ने पीड़ित परिवार को रुपये लेकर शास्त्री पार्क में बुलाया। शुक्रवार को परिवार रुपये लेकर वहां पहुंचा। इस बीच पुलिस की टीम भी चुपचाप वहां मौजूद रही। रुपये लेते हुए मुखबिरों को दबोच लिया गया। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वारदात में न्यू उस्मानपुर थाने का हवलदार जितेंद्र व सिपाही मोहित भी शामिल हैं।
पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर शिवा को न्यू उस्मानपुर थाने के ही एक कमरे से सकुशल बरामद कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोनों पुलिसकर्मियों के वारदात में शामिल होने पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। सभी आरोपियों के खिलाफ जबरन वसूली, बंधक बनाने, आपराधिक षडयंत्र रचने का मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
शिवा के खिलाफ चोरी व स्नेचिंग के सात-आठ मामले दर्ज
पुलिस सूत्रों की मानें तो अक्सर पुलिस की ओर से इस तरह की कटिंग (अवैध रूप से अगवा करना) होती रहती है। जिन बदमाशों के खिलाफ मुकदमे होते हैं या किसी का एक या दो वारदातों में नाम आ जाता है, उनको दूसरे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर डरा-धमकाकर उनके परिजनों से रुपये वसूले जाते हैं। ऐसा लगता है कि शिवा के मामले में भी ऐसा ही हुआ। अगवा करने के बाद उसे बुरी तरह पीटा गया। बाद में थाने में लाकर बंधक बना लिया गया। जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि शिवा के खिलाफ चोरी व स्नेचिंग के सात-आठ मुकदमे दर्ज हैं।
भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, होगी सख्त कार्रवाई
जिले में किसी भी तरह का कोई भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे जिले को यह संदेश दे दिया गया है। वारदात में इस्तेमाल की गई कार आरोपी हवलदार जितेंद्र दत्त की है। उसमें ही शिवा को अगवा किया गया। शिवा को बंधक बनाकर थाने में रखा गया या फिर वह कार से ही मिला, इसकी जांच की जा रही है। - अतुल कुमार ठाकुर, पुलिस उपायुक्त, जिला उत्तर-पूर्वी