दिल्ली में एक तरफ कोरोना के मामले कम होने लगे तो दूसरी तरफ लोग फिर से मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों की धज्जियां उड़ाने लगे हैं। बस स्टाप हो या बाजार या फिर मेट्रो के भीतर भी ये नजारा देखने को मिल रहा है। सात दिनों में 1,422 चालान काटे गए हैं। हर दिन औसतन 200 लोगों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉपोरेशन से मिली जानकारी के अनुसार, मेट्रो में लोग मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें इसके लिए 9 फ्लाइंग स्कवॉड तैयार किए गए हैं। जो भी यात्री मेट्रो स्टेशन या मेट्रो परिसर में कोविड प्रोटोकाल को तोड़ता हुआ नजर आता है उसका 200 रुपये का चालान किया जाता है।
7 जून से मेट्रो फिर से शुरू हुई थी। 13 जून तक मेट्रो के नियम तोड़ने पर 1422 लोगों का चालान काटे जा चुके हैं। औसतन 200 लोगों के चालान काटे जा रहे हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जिनके चालान नहीं काटे जा रहे हैं, उनकी काउंसलिंग की जा रही है। एक दिन में 1100 से ज्यादा लोगों की काउंसलिंग भी की है।
यात्री समझने को नहीं हैं तैयार
रोजाना औसतन 158 लोगों की काउंसिलिंग फ्लाइंग स्कवॉड की टीम कर रही है। मेट्रो स्टेशन के अंदर तो मास्क लगाकर लाते हैं लेकिन जैसे फ्लेटफार्म या मेट्रो में एंट्री करते हैं तो मास्क नाक से नीचे या फिर पूरी तरह से नीचे से उतर जाता है। चालान काटने पर लोग कई तरह के बहाने बनाते हैं।
इस साल जनवरी में 3131, फरवरी में 2805, मार्च में 7058 और अप्रैल में 8735 लोगों के चालान काटे गए। 7 जून को 86, 8 जून को 136, 9 जून को 224, 10 जून को 251, 11 जून को 288, 12 जून को 253 और 13 जून को 184 लोगों के चालान कटे।