आम आदमी पार्टी ने दिल्ली से लेकर गुजरात तक भाजपा की राह में मुश्किलें खड़ी की हैं। कुछ ही दिन पहले गुजरात के हुए नगर निगम चुनावों में पार्टी ने 27 सीटों पर जीत हासिल की थी और इसके बाद पंचायत चुनावों में भी पार्टी ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। पार्टी ने दिल्ली के नगर निगमों के लिए हुए पांच सीटों के उपचुनाव में चार पर शानदार जीत दर्ज की है। लगातार जीत हासिल करना पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आप ने चार सीटों पर दोबारा जीत हासिल कर राजधानी में अपनी मजबूती का संकेत दिया है, तो कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी से चौहान बांगर की एक सीट पर जीत हासिल कर मुस्लिम समुदाय के बीच अपनी अपनी जबरदस्त वापसी का संकेत दिया है। भाजपा का इन उपचुनावों में सबसे बुरा हाल हुआ है, जो इन उपचुनावों में खाता भी नहीं खोल पाई है।
अपनी शानदार जीत से आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बहुत उत्साहित दिखाई पड़े। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पार्टी की जीत पर जय श्री राम का नारा लगाया और कहा कि वे सभी भगवान राम को मानते हैं और उनकी पूजा करते हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी उनके नाम का इस्तेमाल समाज को बांटने के लिए करती है। इससे लोगों में नफरत बढ़ती है और देश कमजोर होता है। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगले चुनाव में भी पार्टी इसी प्रकार शानदार जीत हासिल करेगी और दिल्ली को दुनिया के सबसे साफ-स्वच्छ शहरों में शामिल करके दिखाएगी।
आम आदमी पार्टी नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि नगर निगम के उपचुनाव में उन्होंने केवल भ्रष्टाचार पर निशाना साधा था। लोगों को मुफ्त बिजली-पानी उपलब्ध कराना लोगों को पसंद आ रहा है। भाजपा के भ्रष्टाचार के सामने उनके पास अरविंद केजरीवाल का साफ और स्वच्छ राजनीति का अनुभव था जो जनता अपने सामने देख रही है। यही कारण है कि जनता ने एक तरफा तरीके से इस उपचुनाव में जीत हासिल की है।
आम आदमी पार्टी ने चौहान बांगर की सीट कांग्रेस उम्मीदवार के हाथों गंवाई है। आप नेता ने कहा कि वे बैठकर इस बात पर मंथन करेंगे कि इस सीट पर किन वजहों से पार्टी को हार हुई है। उन्होंने कहा कि हार के बाद भी आम आदमी पार्टी का आधार वोट बना हुआ है और यह पार्टी के लिए बड़ी बात है।
इन उपचुनाव के नतीजों से आम आदमी पार्टी बहुत उत्साहित है। पार्टी का दावा है कि भाजपा ने पिछले 15 सालों से दिल्ली के नगर निगमों पर कब्जा जमाया हुआ है लेकिन इसके बाद भी दिल्ली में हर जगह गंदगी पड़ी हुई है। किसी भी रास्ते पर साफ-सफाई नहीं होती और लोगों को अपना कोई भी काम कराने के लिए भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है। पार्टी ने दावा किया है कि वह अगले साल की शुरुआत में होने वाले नगर निगम के मुख्य चुनावों में शानदार जीत हासिल करेगी।
कांग्रेस ने इन उपचुनावों में केवल एक सीट जीती है। लेकिन इस सीट पर कांग्रेस की जीत के खास मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल, चौहान बांगर की यह सीट मुस्लिम बाहुल्य वाली है और दिल्ली दंगों का इस एरिया में सबसे ज्यादा असर हुआ था। आम आदमी पार्टी का पार्षद पिछले विधानसभा चुनाव में जीतकर विधायक बन गया। लेकिन इस उपचुनाव में पार्टी अपनी यह सीट नहीं बचा पाई।
दिल्ली कांग्रेस के एक शीर्ष नेता ने कहा कि इस जीत से यह पता चलता है कि भाजपा से लड़ने के मामले में मुस्लिम समाज ने आम आदमी पार्टी के मुकाबले कांग्रेस को पसंद किया है। पार्टी के लिए यह एक बड़ा संकेत है। पार्टी मुस्लिम समुदाय में अपना भरोसा जीतने के साथ-साथ अपना कोर वोटर अपने पास लाने का भी काम करेगी और आने वाले समय में भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी करेगी।