स्वैब के नमूने एकत्र करती महिला स्वास्थ्य कर्मी
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पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर तेजी से चल रही है, लेकिन दिल्ली में इसके बढ़ने की रफ्तार अन्य राज्यों की तुलना में बेहद कम (केवल 0.66 फीसदी) है। वहीं, अगर कोरोना टेस्टिंग की बात करें तो दिल्ली देश के सबसे टॉप पर है और यहां राष्ट्रीय औसत से लगभग पांच गुना ज्यादा टेस्टिंग की जा रही है। दिल्ली में कोरोना का टीका लगाने का काम भी काफी तेजी के साथ चल रहा है और सरकार ने केंद्र से अनुमति मांगी है कि वह अन्य वर्ग के लोगों को भी टीका लगाने की अनुमति दे, जिससे टीकाकरण अभियान में तेजी लाई जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 80 हजार कोरोना टेस्ट किए जा रहे हैं। इसमें आरटीपीसीआर टेस्ट और अन्य टेस्ट शामिल हैं। इसके कारण कोरोना संक्रमित लोगों की पहचान करने और उनका सही समय पर इलाज करने में मदद मिल रही है। दिल्ली में हो रहे कुल टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव मिलने की मात्रा 0.5 से 0.6 फीसदी तक ही पाई गई है। इससे कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने में मदद मिल रही है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में टीकाकरण का काम भी तेजी से चल रहा है। अगर केंद्र सरकार अनुमति देती है तो इसे जल्दी ही अन्य वर्ग के लोगों के लिए भी टीका अभियान शुरू किया जाएगा। इससे दिल्ली के लोगों में हर्ड इम्यूनिटी विकसित करने में मदद मिलेगी और इस महामारी का प्रकोप सीमित करने में सहायता मिलेगी।
होली पर रखें ध्यान
सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की दर पिछले तीन महीने से एक फीसदी से कम बनी रही है। अगर संक्रमण दर एक फीसदी से कम स्तर पर बना रहती है तो इससे घबराने की कोई बात नहीं है। इस स्थिति को आसानी से संभाल लिया जाएगा। स्थिति इससे ज्यादा खराब न होने पाए इसके लिए संक्रमण रोकने की पूरी कोशिश की जाएगी।