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मां ने बच्ची की चाह में 24 दिन के बेटे का गला काटा, मौत से हड़कंप

Thu, 07 Apr 2016 08:03 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • पहला बेटा मृत पैदा हुआ था, उसके पांच साल बाद दूसरा बेटा हुआ
  • तीसरी दफे सभी को घर में बेटी के आने की उम्मीद थी, जो नहीं हुआ
  • परिवार के तानों से आजिज आकर मां ने 24 दिन के बेटे की हत्या कर दी
  • दाढ़ी वाले ब्लेड से रेत दिया मासूम का गला, पुलिस ने किया मामला दर्ज
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तीसरी बार बेटे का जन्म हुआ तो मां ने उसे मौत की नींद सुला दिया - फोटो : demo
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विस्तार
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24 दिन के बच्चे ने सही से आंखें खोलना भी नहीं सीखा था और उसकी ही मां ने उसे मौत की नींद सुला दिया। सोचकर ही बदन सिहर उठता है कि क्या कोई मां ऐसी भी हो सकती है जो अपने ही कलेजे के टुकड़े बेरहम मौत दे? हैदराबाद की 30 वर्षीय पूर्णिमा पर अपने ही नवजात को मौत के घाट उतारने का आरोप लगा है। 
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक नेरेदमेट इलाके में रहने वाली पूर्णिमा ने तीन हफ्ते पहले लड़के को जन्म दिया था। पूर्णिमा ने तीसरी दफे बेटे को जन्म दिया था। हलांकि पूर्णिमा पहला बेटा मृत पैदा हुआ था। दूसरा उसके पांच बरस बाद हुआ था। इस बार पूर्णिमा बच्ची की किलकारियां सुनने के लिए उत्साहित थी। घरवाले भी घर में बेटी को देखने के लिए आतुर थे। लेकिन जब बेटे का जन्म हुआ तो पूर्णिमा डिप्रेशन में चली गई। 

घरवाले भी ताने पर ताने देने लगे। आरोप है कि पूर्णिमा ने नवजात की देखभाल से भी ध्यान हटा लिया। पुलिस की मानें तो पूर्णिमा ने अपने पति श्रीधर राजू से कहा कि वो बच्चे को किसी ऐसे दंपति को दे दे जिसे बेटा चाहिए हो।
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आखिरकार बीते मंगलवार की रात उस नवजात के लिए मनहूस साबित हुई। उसी की मां ने उसे दाढ़ी बनाने वाले ब्लेड से उसका गला काट दिया और सड़क पर तड़पते हुए छोड़ दिया।
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'परिवार वालों के तानों से वो आजिज आ गई थी'

'घरवाले बच्ची की किलकारियां सुनने को आतुर थे' - फोटो : demo
पुलिस की मानें को वारदात को अंजाम देने के बाद पूर्णिमा ने अपने पति श्रीधर राजू को फोन कर बताया कि कुछ चोरों ने उसका मंगलसूत्र छीना और बच्चे को मारकर भाग गए। 

श्रीधर राजू कॉस्मेटिक की दुकान चलाता है। वारदात की खबर लगते ही भागता हुआ बाताए गए मौका-ए-वारदात पर पहुंचा। 

श्रीधर राजू ने गला रेते गए नवजात को उठाया और सीधे सुरक्षा अस्पताल का रुख किया। वहां से डॉक्टरों ने गांधी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। गांधी अस्पताल के डॉक्टरों ने 24 महीने के बच्चे को मृत घोषित कर दिया। 

आधी रात के वक्त पुलिस में शिकायत की गई। पूछताछ के दौरान पुलिस को पूर्णिमा के बार-बार बदलते बयानों पर संदेह हुआ। पुलिस वारदात की जगह पर जाकर देखा तो सड़क पर खून के निशान नहीं थे। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने भी ब्लेड से गला रेतने की पुष्टि की। आखिरकार पुलिस ने बुधवार को पूर्णिमा के खिलाफ अपने ही बच्चे की हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई आगे बढ़ाई।
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