अचानक बेहोश होना, सिर में दर्द और फिर कटी चोटी मिलना जैसी 100 से ज्यादा वारदातें सामने आ चुकी हैं। चोटी कटने के पीछे कहीं ये तो नहीं?
तरह-तरह के अफवाहें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। एक अफवाह ये है कि कोई अदृश्य होने की शक्ति हासिल करने के लिए महिलाओं की चोटी काट रहा है। एक हजार चोटिया काटने पर उसे ये ताकत मिल जाएगी। एक अफवाह ये भी है कि घर में सुख समृद्िध लाने के लिए घर की बहु-बेटी की बिना बताए रात को सोते समय चोटी काटी जा रही है, ताकि सुबह वे अचंभित हो जाएं। हालांकि हम इसकी पुष्टि नहीं करते।
मनोचिकित्सक जहां इन घटनाओं को मास हीस्टिरिया करार दे रहे हैं, वहीं पीड़ित महिलाएं ऐसा कुछ भी मानने को तैयार नहीं है। हरियाणा सहित कई राज्यों में पुलिस के पास कुछ मामले पहुंचे हैं, लेकिन ऐसा कौन कर रहा है, अफवाहों के पीछे कौन है, इन घटनाओं में सच कितना है? जैसे तमाम सवाल अनुत्तरित हैं।
पिछड़े इलाकों में ही क्यों
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- फोटो : अमर उजाला
महिलाओं की चोटी कटने की घटनाओं पर नजर डालें तो यह अधिकतर गांवों और अति पिछड़े इलाकों में ही सामने आ रही है। पीड़ित महिलाओं में कुछ एक को छोड़ दें तो अधिकतर ज्यादा शिक्षित नहीं हैं। मनोचिकित्सक इस बात पर जोर देकर कह रहे हैं कि अंधविश्वास, अशिक्षा, पिछड़ापन, महिलाओं का एकाकीपन और मास हीस्टिरिया इन घटनाओं की एक वजह हो सकती है। इसके पीछे पुख्ता आधार भी है कि अब तक किसी ने चोटी काटने वाले को देखा नहीं। न तो इसमें परिवार का सदस्य ऐसा करता पाया गया है, न महिला को उसके परिवार के लोगों ने ऐसा करते हुए देखा।
उन्मादी हो रहे लोग
चोटी कटने की घटनाओं के पीछे कौन है, अफवाहें कौन फैला रहा है..इसका सच तो सामने नहीं आया है, लेकिन किसी भी संदिग्ध को देखते ही लोग आपा खोते जा रहे हैं। आगरा के डौकी गांव में बुधवार को एक वृद्धा की पीट पीटकर हत्या करने के अलावा हरियाणा के मेवात, फरीदाबाद और पलवल क्षेत्र में कई लोग पिट चुके हैं। उन्मादी लोग बिल्लियों तक को मार रहे है। बुधवार को ही मेवात जिले के बुखारा गांव में और बृहस्पतिवार को पलवल के एक गांव में लोगों ने बिल्ली को मार दिया। संदेह के घेरे में आए कुछ विक्षिप्त लोग पुुलिस के हवाले किए जा चुके हैं।
आदमी का साया...बिल्ली की शक्ल
चोटी के पीछे क्या है ?
- फोटो : सांकेतिक चित्र
दरअसल महिलाओं की चोटी काटते हुए किसी भी व्यक्ति को अब तक किसी ने नहीं देखा है। बेहोशी छाई और कट गई चोटी। कुछ इसी तरह से पीड़िताएं आपबीती बयां कर रही है। कोई चोटी कटने की घटना से पहले किसी व्यक्ति का साया दिखने तो कोई बिल्ली जैसा जानवर दिखाई देने की बात कह रह है। अफवाहों के चलते पीड़िताएं ही नहीं अब तक इस घटना की शिकार नहीं हुई महिलाओं और उनके परिजनों में भी दहशत बनी है।
तीस से अधिक नए मामले
हरियाणा सहित पांच राज्यों में बृहस्पतिवार को चोटी कटने के तीस से अधिक नए मामले सामने आए। आगरा और मथुरा के बाद पश्चिमी यूपी के कई जिलों व ग्रेटर नोएडा के अलावा मध्यप्रदेश के मुरैन और शिवपुरी जिले में पहली बार तीन मामले सामने आए हैं।