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चुनावी रंजिश में पेट्रोल छिड़कर युवकों को जलाया, एक की मौत 

Thu, 13 Oct 2016 02:20 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोरखपुर 
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में चुनावी रंजिश के चलते दो युवकों पर जानलेवा हमला किया गया है। घटना चौरीचौरा के डुमरीखास गांव में फैक्ट्री की है, जहां सो रहे दो युवकों को मंगलवार रात जिंदा जला दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक की इलाज के दौरान मौत हो गई तो दूसरा अभी भी जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है। वारदात की वजह चुनावी रंजिश बताई जा रही है। 
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पुलिस ने प्रधान पुत्र समेत चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मौत के बाद गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए डीएम, एसएसपी भी पहुंच गए। एहतियातन गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है। चौरीचौरा प्रतिनिधि के मुताबिक पूर्व प्रधान राजदेव पासवान की गांव के बाहर सीमेंट की पाइप बनाने की फैक्ट्री है।

सोते हुए युवकों को जिंदा जलाया

- फोटो : Demo Pic
बांसगांव, भैंसहीं बुजुर्ग निवासी उनका मौसेरा भाई संतोष (32) लंबे समय से यहीं रहकर फैक्ट्री का काम देखता था। काम में मदद के लिए गांव का ही रामसिंहासन (33) भी उसके साथ ही रहता था। सोमवार रात रोज की तरह दोनों फैक्ट्री के बरामदे में सोए थे।

साढ़े बारह बजे के करीब बाइक से आए छह लोगों ने दोनों के ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। दोनों चिल्लाते हुए मदद के लिए गांव की ओर भागे। गांव वालों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया और दोनों को स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक देख प्राथमिक उपचार कर दोनों को पीजीआई रेफर कर दिया। 

लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान संतोष ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। राजदेव के पट्टीदार कमलदेव पासवान ने प्रधान राधेश्याम मौर्य के बेटे ओम मौर्य, अजीत मौर्य समेत चार लोगों को आरोपी बनाते हुए तहरीर दी है।
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चुनाव में भी आमने-सामने थे दोनों परिवार

Murder
पुलिस ने जिंदा जलाने और जलाकर मारने की कोशिश करने का मुकदमा दर्ज किया है और कुछ प्रधान समर्थकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उधर, पुलिस ने चुनावी रंजिश का मामला देख एहतियातन गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। प्रधानी चुनाव के दौरान से ही दोनों परिवारों में तनातनी चल रही है। पहले राजदेव गांव के प्रधान थे।

मगर चुनाव में सीट महिला आरक्षित होने पर उन्होंने पत्नी को मैदान में उतारा था। उधर राधेश्याम मौर्य की पत्नी मुन्नी देवी भी चुनाव मैदान में थी। दोनों के बेटे इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे थे। चुनाव के दौरान भी दोनों कई बार आमने-सामने आ चुके थे। चुनाव परिणाम में राजदेव को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद यह विवाद और गहरा हो गया।
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