नोएडा में रहने वाले एक डॉक्टर समीर सरकार और उसकी फैमिली बहू की धमकियों से इतने परेशान हो गए कि उन्होंने सुसाइड कर लिया। इसमें डॉक्टर की जान तो बच गई लेकिन परिवार के अन्य पांच सदस्यों की मौत हो गई। डेक्कन क्रोनिकल की खबर के मुताबिक परिवार ने नोएडा की बजाय झारखंड के रांची में जाकर सुसाइड किया है।
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रांची के हजारीबाग रोड में स्थित रिवर्सा अपार्टर्मेंट पर पहुंची पुलिस ने 5 शव बरामद किए और घायल हालत में डॉक्टर को पाया था। दर्दनाक हादसे में डॉक्टर सरकार (63) की पत्नी अंजना (60), पोती समीता (7), बेटे समीर(35), भतीजे की पत्नी मोमिता (35) और मोमिता की बेटी सुमिता (5) की मौत हो गई।
बताते चलें कि मोमिता डॉक्टर सरकार की बहू की बहन थी। सूत्रों के अनुसार आए दिन होने वाले झगड़ों की वजह से पूरा परिवार डिप्रेशन में रहता था। इतना ही नहीं बहू पर यह भी आरोप है कि वह अपनी बहन मोमिता को भी प्रताड़ित करती थी।
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डॉक्टर ने जैसी गेट खोला मिली फर्श पर लाशे
दरअसल, जिस रांची के जिस घर में सुसाइड किया गया है वह डॉक्टर की बहन के बेटे और जाने माने डॉक्टर एस चौधरी का है। यहां पर पूरा परिवार 6 अक्टूबर को आया था और उनका मकसद बहू और बेटे में सुलाह कराना था। 8 अक्टूबर का दिन पूरे परिवार के लिए मातम का दौर लेकर आया।
इस दिन पूरा परिवार के डिप्रेशन का सब्र टूट गया और उन्होंने खात्मे का फैसला कर लिया। दरअसल, परिवार ने नींद की दवा के इंजेक्शन लगाकर मौत को गले लगाया। डॉक्टर ने बताया उस रात करीब 10 से 11 के बीच सरकार की पत्नी अंजना, बेटे समीर और सोमिता ने नींद के इंजेक्शन का ओवरडोस खुद को लगा दिया।
इसके बाद दादी ने पोती समीता को इंजेक्शन दिया, साथ ही मोमिता ने अपनी बेटी सुमिता को भी इंजेक्शन दे दिया। डॉक्टर ने बताया कि गेट खटखटाने पर कोई जवाब नहीं दे रहा था। इस बीच उसने घर की दूसरी चाबी से गेट खोला। लेकिन, जो उसने नजारा देखा वह बेहद चौंकाने वाला था। घर के फर्श पर लाशे पड़ी हुई थी क्योंकि परिवार के सभी सदस्य मौत की नींद में सो चुके थे।।
अपने परिवार की इस हालत को देख डॉक्टर सरकार खुद को संभाल नहीं पाया और उसने खुद को चाकू से गोदकर खत्म करने की कोशिश की। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ और डॉक्टर को वक्त रहते बचा लिया गया और उसने पूरी वारदात का खुलासा किया। डॉक्टर का आरोप है कि उनकी बहू अक्सर उन्हें दहेज के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दिया करती थी और इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कहती थी।
बहू का अत्याचार यही खत्म नहीं हुआ था। डॉक्टर ने बताया कि वह अपने पति और उसके मोमिता से नाजायज संबंध का झूठा आरोप भी अक्सर लगाया करती थी। बताते चलें कि मोमिता का पति भोपाल में रहता है और वह वारदात के दिन रांची आया था, लेकिन वहां रुका नहीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमोर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।