उत्तर प्रदेश में कौशाम्बी के करनपुर से शनिवार रात एक ऐसे अपराधी को गिरफ्तार किया गया जो डेढ़ साल पहले पुलिस की नजरों में मर चुका था। बता दें कि चोरी के आरोप में गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी एक मनोरोगी की हत्या कर उसे अपने कपड़े पहना दिए थे। फिर उसकी गर्दन अलग कर धड़ कुएं में फेंक दिया।
मनोरोगी को मौत के घाट उतारने के बाद वह परिवार सहित चोरी से ससुराल में रहने लगा था। लेकिन उसके जिंदा होने का रहस्य तब सामने आया जब उसके गिरोक का एक चोर पुलिस के हत्थे चढ़ा। आखिरकार कई महीनों की मशक्कत के बाद शनिवार को आरोपी धर लिया गया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।
पिपरी थाने के चलौली गांव का रहने वाला शुड्डन उर्फ रामभरोसे पुत्र रामशरन चोरी करता था। गैंग में उसके अलावा तीन लोग थे। करीब डेढ़ साल पहले रामभरोसे ने अपने ही गांव में चोरी करवा दी। हालांकि अन्य वारदातों की तरह इस बार चोर बच नहीं सके और उनका नाम सामने आ गया। पकड़े जाने से बचने के लिए रामभरोसे ने अपनी फर्जी हत्या की योजना बनाई।
इसमें उसने अपने तीनों साथियों की मदद ली। योजना के तहत चारों अपराधी इलाहाबाद से एक मनोरोगी को कौशाम्बी ले आए और उसकी हत्या कर दी। फिर रामभरोसे ने मृतक को अपनी शर्ट- पैंट पहना दिए। इसके बाद सिर गायब कर धड़ कुएं में डाल दिया।